ओलंपिक कांस्य पदक विजेता एमसी मेरीकॉम गुरुवार को रो पड़ीं और उन्होंने भारतीय चयनकर्ताओं पर मुक्केबाजी चयन और ट्रायल्स में क्षेत्रीय आधार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया.
मेरीकॉम ने कहा, ‘कई बार मैं बहुत परेशान हो जाती हूं. कुछ रेफरी और जज मेरा पक्ष नहीं लेते लेकिन मैं परवाह नहीं करती. मैं पूर्वोत्तर से हूं कोई समस्या नहीं लेकिन मैं तब भी एक भारतीय हूं.’ इस 32 वर्षीय मुक्केबाज ने आरोप लगाया कि उन्हीं के भार वर्ग में लड़ने वाली हरियाणा की पिंकी जांगड़ा का चयनकर्ता लगातार पक्ष लेते रहे हैं जबकि मणिपुर की रहने वाली पांच बार की विश्व चैंपियन उसे हरा चुकी हैं.
'साबित करने के लिए तैयार हूं'
देश की चर्चित मुक्केबाज ने कहा, ‘कई विवाद हैं. पिंकी जांगड़ा को मैंने हमेशा हराया और प्रत्येक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर साबित किया लेकिन वे (मुक्केबाजी चयनकर्ता) अब भी उसका पक्ष ले रहे हैं.’ मेरीकॉम ने कहा कि अब भी खुद को साबित करने के लिये तैयार हैं.
लंदन ओलंपिक की पदक विजेता मेरीकॉम को 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों के भारतीय दल में नहीं चुना गया और उनकी जगह जांगड़ा को टीम में रखा गया. पिंकी ने राष्ट्रमंडल खेलों से पहले 51 किग्रा भार वर्ग के ट्रायल्स में मेरी को हराया था लेकिन मणिपुरी मुक्केबाज ने दावा किया कि जजों ने गलत फैसला दिया था.
- इनपुट भाषा