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कॉमनवेल्थ गेम्स ओपनिंग सेरेमनी का खाका तैयार

कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गनाइडिंग कमेटी की हाईपॉवर सबकमेटी ने ओपनिंग सेरेमनी का खाका तैयार कर लिया है.

कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गनाइडिंग कमेटी की हाईपॉवर सबकमेटी ने ओपनिंग सेरेमनी का खाका तैयार कर लिया है.
1.सबसे पहले देश भर की झांकी को एक कड़ी में पिरोकर एअरोस्टेट से प्रोजेक्ट किया जायेगा. इस कार्यक्रम का नाम ह्यूमन ट्रेन रखा गया है और इसमें शहर और गांव की झलक दिखेगी.
2. कॉमनवेल्थ के उद्धघाटन समारोह में दूसरी पेशकश होगी महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन तैने' कहिये की. इस भजन को लाईट और साउंड इफेक्ट के साथ पेश किया जाएगा.
3.इसके बाद 800 कलाकार कबीर के दोहों पर लोक नृत्य पेश करेंगे. हालांकि भारत बाला के इस कार्यक्रम में तमाम खामियां निकाली गई हैं और इसे दोबारा तैयार किया जा रहा है.
4.समारोह के दौरान म्यूजिक, ड्रेस और भारतीय संस्कृति के इतिहास को एअरोस्टेट से हाईटेक तरीके से दिखाया जाएगा.

वैसा कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़ी तैयारियों की ही तरह ओपनिंग सेरेमनी की तैयारियां भी आधी-अधूरी हैं. हालत यह है कि ओपनिंग सेरेमनी में शामिल होने वाले कलाकारों की ड्रेस तक अभी तैयार नहीं हुई है.

इन सबके बीच बारिश सबसे बड़ी विलेन बन सकती है.दिल्ली में मौसम का मिज़ाज अगर ऐसा ही बिगड़ा रहा तो कॉमनवेल्थ की ओपनिंग सेरेमनी पर पानी फिर सकता है. कॉमनवेल्थ गेम्स की हाईपॉवर कमिटी की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.

केंद्रीय मंत्री जयपाल रेड्डी, एम एस गिल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, राज्यपाल तजेंद्र खन्ना, आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी और कैबिनेट सेक्रेट्री .के एम. चन्द्रशेखर की इस हाई पावर कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि
1. अगर बारिश नहीं रूकी तो समारोह का मेन स्टेज तैयार नहीं हो सकता.
2. अगर बारिश ज्यादा तेज हुई तो अस्थाई स्टेज बनाना भी मुश्किल होगा. ऐसे में आधे से ज्यादा कार्यक्रम रद्द हो जाएंगे.
3.अगर समारोह के दौरान भी पानी बरसता रहा तो लाईट एंड साउंड शो करना भी मुमकिन नहीं.
4.समारोह के दौरान अगर मौसम का मिज़ाज ज्यादा बिगड़ा तो स्टेडियम से एअरोस्टेट भी उतारना पड़ेगा. {mospagebreak}यानि करोड़ों रूपये की तैयारी पर पहले दिन ही पानी फिर जाएंगा.

यानि कॉमनवेल्थ की ओपनिंग सेरेमनी के लिये छह महीने से चल रही तैयारियां भगवान भरोसे है.  इस हाई पॉवर कमेटी ने ओपेन सेरेमनी के लिए भारत बाला के तैयार किए गए कार्यक्रमों में भी खामियां निकाली हैं. समारोह में आठ सौ रंगकर्मी कबीर के दोहों पर लोक नृत्य पेश करने वाले हैं.
1 .कमेटी ने इसके लिए कबीर के दोहों को दुबारा रिकॉर्ड कराया है क्योंकि उन्हें उच्चाऱण साफ नहीं लगा था.
2. क्लोजिंग सेरेमनी में राष्ट्रगीत वंदे मातरम में भी बदलाव की हिदायत दी है.
3.वंदे मातरम अब सिर्फ मौलिक रूप में ही पेश किया जायेगा.
मतलब साफ है अगर मौसम ने साथ नहीं दिया तो खेल बिगड़ने में कोई कसर शायद ही बाकी रहे, तैयारियों का जो हाल है वो तो सब के सामने है ही.

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