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'भारत रत्न' की बात सुनते ही सचिन बोले, 'अंजलि! स्टॉप ईटिंग', वो भी खुशी से उछल पड़ीं

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिल रहा. तेंदुलकर ने आजतक से खास बातचीत में बताया कि कैसे उन्हें इसके बारे में पता चला और इस खबर पर उनकी पत्नी अंजलि ने कैसे रिऐक्ट किया.

सचिन तेंदुलकर सचिन तेंदुलकर

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिल रहा. तेंदुलकर ने आजतक से खास बातचीत में बताया कि कैसे उन्हें इसके बारे में पता चला और इस खबर पर उनकी पत्नी अंजलि ने कैसे रिऐक्ट किया.

'खुशी से उछड़ पड़ीं थी अंजली'
सचिन से जब पूछा गया कि उन्हें कब पता चला कि वह भारत रत्न से सम्मानित हो रहे हैं, उनका जवाब था, 'मुझे अभी भी याद है मैं और अंजलि उस वक्त खाना खा रहे थे, तभी मेरे पास पीएमओ से फोन आया और प्रधानमंत्री ने मुझसे बात की. उन्होंने मुझे बताया कि मैं भारत रत्न हूं. मैंने फोन रखा और अंजली से कहा कि वो खाना छोड़ें. मैंने उन्हें बताया कि मैं भारत रत्न हूं. वो खुशी से उछल पड़ीं.'

'कभी नहीं सोचा था मिलेगा भारत रत्न'
सचिन ने कहा, 'जब क्रिकेट शुरू किया था तो कभी नहीं सोचा था कि भारत रत्न बनूंगा. देश का सर्वोच्च सम्मान जिन लोगों को मिला है उनका नाम सुनकर मैं बड़ा हुआ हूं. देश में सबका सपना होता है कि उसे देश का सर्वोच्च सम्मान मिले.'

'देश की हर मां को समर्पित हैं ये सम्मान'
तेंदुलकर ने कहा, 'मां अपने बच्चों के लिए जो भी सैक्रीफाइज करती है वो कभी बताती नहीं है. मैंने कहा था कि ये सम्मान मैं अपनी मां को समर्पित करता हूं. लेकिन ये सम्मान मैं देश की हर मां को समर्पित करता हूं.'

'अब क्रिकेट बस फन के लिए होगा'
सचिन तेंदुलकर पहले भी कह चुके हैं कि क्रिकेट उनके लिए ऑक्सीजन जैसा है. तेंदुलकर के मुताबिक, 'मैं क्रिकेट का लुत्फ उठाता रहूंगा. क्रिकेट मेरी जिंदगी है. लेकिन अब मुझे इस बात की चिंता नहीं होगी कि अगली सीरीज में क्या करना है? मैं आउट कैसे हो गया? मुझे किस गेंदबाज का सामना करना है? अब क्रिकेट बस फन के लिए होगा.'

'हमेशा से अच्छा रहा है इंडियन क्रिकेट'
सचिन से जब पूछा गया कि 1989 से 2013 तक इंडियन क्रिकेट कहां से कहां तक पहुंच गया है? तो उनका जवाब था, 'इंडियन क्रिकेट हमेशा से अच्छा रहा है. हर जनरेशन से कुछ खिलाड़ी सेलेक्ट होते हैं और उन्हें इंडियन कैप पहनने का सौभाग्य मिलता है. मैं बस हर जनरेशन के खिलाड़ी से ये कहना चाहता हूं कि वो अपनी जनरेशन में अपना बेस्ट खेल दिखाएं. खिलाड़ी खुद अपनी एक्सपेक्टेशन बनाएं और उसे पूरी करें.'

'दो बार हुआ था सबसे ज्यादा इमोशनल'
सचिन तेंदुलकर ने बताया कि अपने विदाई टेस्ट के दिन वो दो बार बहुत ज्यादा इमोशनल हो गए थे. उन्होंने कहा, 'मैं दो बार बहुत ज्यादा इमोशनल हो गया था. एक बार तब जब मैच जीतने के बाद पूरी टीम ने मुझे कंधों पर बैठाकर ग्राउंड का चक्कर लगवाया और पवेलियन के सामने उतारा था. उसके बाद तब जब मैं आखिरी बार पिच पर गया था. मैं अकेले पिच पर क्रिकेट को थैंकयू बोलने गया था.'

'दिल से हमेशा खिलाड़ी ही रहूंगा'
राजनीति में आने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में तेंदुलकर ने कहा, 'मैं दिल से हमेशा खिलाड़ी ही रहा हूं. लेकिन देश के लिए कुछ करने का मौका मिलेगा तो मैं करूंगा.'

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