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सचिन की विदाई पर लक्ष्मण रो पड़े, लेकिन मैं खुश था: गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर की विदाई हो रही थी, तब वीवीएस लक्ष्मण की आंख भर आई थी और वे (गांगुली) खुश थे.

सौरव गांगुली सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर की विदाई हो रही थी, तब वीवीएस लक्ष्मण की आंख भर आई थी और वे (गांगुली) खुश थे. गांगुली ने कहा, 'लक्ष्मण की आंख भर आई थी, लेकिन मेरे लिए यह आंसू बहाने का नहीं बल्कि खुशी मनाने का दिन था. यह एक महान खिलाड़ी की श्रेष्ठ विदाई थी. बाद में मैं भारतीय ड्रेसिंग रूम में गया और सचिन को बधाई दी.'

गांगुली का मानना है कि महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में दी गई शानदार विदाई ने भारतीय क्रिकेट के ब्रांड वैल्यू (कीमत) को बढ़ा दिया है. सचिन के कप्तान रह चुके गांगुली ने कहा, 'मैं सचिन को दी गई शानदार विदाई से खुश हूं. क्रिकेट जगत इससे अभिभूत है. सचिन जैसा महान खिलाड़ी इसी तरह की विदाई का हकदार है.'

गांगुली मानते हैं कि शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में जो कुछ हुआ, वह काफी भावनात्मक था और हर कोई भावनाओं में बहा जा रहा था. गांगुली के मुताबिक सचिन के साथ लम्बे समय तक खेल चुके वीवीएस लक्ष्मण की भी आंखों में आंसू थे.

उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शनिवार को वेस्टइंडीज को एक पारी और 126 रनों के अंतर से हराकर अपने अब तक के सबसे बड़े प्रतिनिधि सचिन को शानदार विदाई दी. मैदान से निकलते वक्त भारतीय टीम ने 24 साल और एक दिन तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहने वाले सचिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और सचिन ने दर्शकों तथा साथियों का अभिनंदन स्वीकार किया.

मैच के बाद सचिन ने पुरस्कार वितरण समारोह में उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया, जो किसी न किसी रूप से उनसे जुड़े रहे हैं. सचिन ने साथ ही मौजूदा टीम को एक संदेश भी दिया और उसकी काबिलियत पर भरोसा जाहिर किया.

इसके बाद सचिन ने तिरंगा लेकर विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी के कंधों पर बारी-बारी से सवार होकर मैदान का चक्कर लगाया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया. अंत में सचिन ने वानखेड़े स्टेडियम की पिच को झुककर सलाम किया और फिर अपने परिवार के साथ ड्रेसिंग रूम में चले गए.

सचिन ने अपने व्यक्तित्व के साथ पूरा न्याय करते हुए न सिर्फ अपने करियर में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया बल्कि उस पिच को भी नहीं भूले, जहां से उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की शुरुआत की थी.

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