Manu Bhaker Paris Olympics 2024 medal Hat Trick: पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर 'धाकड़' एथलीट बनकर उभरी हैं. उन्होंने एक के बाद एक दो मेडल जीतकर अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया है. अब मनु के पास एक और इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने का मौका है.
मनु भाकर आजादी के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं, जिन्होंने 30 जुलाई को सरबजोत सिंह के साथ पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम वर्ग में दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया. ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीते थे, लेकिन वह उपलब्धि आजादी से पहले की थी.
Bronze for team India in the 10m Air Pistol Mixed Team match!
— SAI Media (@Media_SAI)
Manu and Sarabjot with some fantastic shooting to land India's second medal of the !
भारतीय जोड़ी ने कोरिया के ली वोन्हो और ओ ये जिन को 16-10 से हराकर देश को इस ओलंपिक में देश को दूसरा पदक दिलाया. इससे पहले मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीता था.
मनु अब 2 अगस्त को खेलने उतरेंगी
मनु को अभी 25 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी उतरना है और उनके पास तीसरा पदक जीतने का भी मौका है, इस इवेंट के मुकाबले 2 अगस्त से शुरू होने हैं.
हैट्रिक जड़ने की कोशिश करुंगी: मनु भाकर
ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद मनु भाकर इवेंट में अपने पार्टनर सरबजोत सिंह के साथ काफी खुश दिखीं. जब उनसे पूछा गया कि वह अब मेडल की हैट्रिक भी जड़ सकती हैं , इस पर उन्होंने कहा कि वह मेडल जीतने के लिए पूरी जान लगा देंगी और हैट्रिक जड़ने की कोशिश करूंगी.
From Tokyo’s heartbreak to historic triumph!
— JioCinema (@JioCinema)
Manu Bhaker is now the first Indian woman athlete to win two medals in a single Olympics. Catch more action LIVE on and stream FREE on !
हमने जुझारूपन नहीं छोड़ा: मनु भाकर
मनु और सरबजोत ने क्वालिफिकेशन दौर में 580 स्कोर करके कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई थी. मनु ने जीत के बाद कहा ,‘मैं बहुत ही गर्व महसूस कर रही हूं. सभी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद.’ उन्होंने कहा,‘हम विरोधी टीम के प्रदर्शन पर नियंत्रण नहीं कर सकते, लेकिन अपना प्रदर्शन तो अपने साथ में है. मैंने और मेरे जोड़ीदार ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके अंत तक जुझारूपन नहीं छोड़ा.’
मुकाबले के दौरान काफी दबाव था: सरबजोत सिंह
अंबाला के निशानेबाज सरबजोत पर व्यक्तिगत वर्ग में नाकाम रहने के बाद अच्छे प्रदर्शन का काफी दबाव था. उन्होंने कहा,‘मुझे अच्छा लग रहा है. मुकाबला काफी कठिन था और काफी दबाव था.’ टोक्यो ओलंपिक में मनु पिस्टल में खराबी आने के कारण फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी थीं. लेकिन यहां दो पदक जीतकर उन्होंने हर जख्म पर मरहम लगा दिया.
खराब शुरुआत के बाद भारत ने ऐसे जीता ब्रॉन्ज
भारत की शुरूआत खराब रही जब सरबजोत का पहला शॉट 8.6 रहा, लेकिन मनु ने 10.2 बनाया. कोरियाई जोड़ी ने कुल 20.5 स्कोर करके 2.0 की बढ़त बना ली . मिश्रित टीम वर्ग में पहले 16 अंक तक पहुंचने वाली टीम विजयी रहती है.पहला सेट हारने के बाद मनु ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिर्फ तीन बार 10 से कम स्कोर किया. इसके बाद से कोरियाई टीम के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया
था.
भारत के ओलंपिक मेडलिस्ट की पूरी लिस्ट, जानें कौन, कब बना विजेता
| एथलीट/खेल | मेडल | इवेंट | ओलंपिक सीजन |
| नॉर्मन प्रिचर्ड* | सिल्वर | पुरुषों की 200 मीटर रेस | पेरिस 1900 |
| नॉर्मन प्रिचर्ड** | सिल्वर | पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) | पेरिस 1900 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | एम्स्टर्डम 1928 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लॉस एंजिल्स 1932 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | बर्लिन 1936 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लंदन 1948 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | हेल्सिंकी 1952 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मेलबर्न 1956 |
| केडी जाधव | ब्रॉन्ज | पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती | हेल्सिंकी 1952 |
| भारतीय हॉकी टीम | सिल्वर | पुरुष हॉकी | रोम 1960 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | टोक्यो 1964 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | मेक्सिको सिटी 1968 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | म्यूनिख 1972 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मास्को 1980 |
| लिएंडर पेस | ब्रॉन्ज | पुरुष एकल टेनिस | अटलांटा 1996 |
| कर्णम मल्लेश्वरी | ब्रॉन्ज | भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा | सिडनी 2000 |
| राज्यवर्धन सिंह राठौड़ | सिल्वर | पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग | एथेंस 2004 |
| अभिनव बिंद्रा | गोल्ड | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | बीजिंग 2008 |
| विजेंदर सिंह | ब्रॉन्ज | पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) | बीजिंग 2008 |
| सुशील कुमार | ब्रॉन्ज | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | बीजिंग 2008 |
| सुशील कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
| विजय कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग | लंदन 2012 |
| साइना नेहवाल | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | लंदन 2012 |
| मैरी कॉम | ब्रॉन्ज | महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी | लंदन 2012 |
| योगेश्वर दत्त | ब्रॉन्ज | पुरुष 60 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
| गगन नारंग | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | लंदन 2012 |
| पीवी सिंधु | सिल्वर | महिला एकल बैडमिंटन | रियो 2016 |
| साक्षी मलिक | ब्रॉन्ज | महिला 58 किग्रा कुश्ती | रियो 2016 |
| मीराबाई चानू | सिल्वर | महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) | टोक्यो 2020 |
| लवलीना बोरगोहेन | ब्रॉन्ज | महिला वेल्टरवेट बॉक्सिंंग (64-69 किग्रा) | टोक्यो 2020 |
| पीवी सिंधु | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | टोक्यो 2020 |
| रवि कुमार दहिया | सिल्वर | पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | टोक्यो 2020 |
| बजरंग पुनिया | ब्रॉन्ज | पुरुष 65 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
| नीरज चोपड़ा | गोल्ड | पुरुषों का भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) | टोक्यो 2020 |
| मनु भाकर | ब्रॉन्ज | वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल | पेरिस 2024 |
| मनु भाकर-सरबजोत सिंह | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम | पेरिस 2024 |
*** नोट: नॉर्मन प्रिचर्ड ने ब्रिटिश झंडे के तहत भारत की ओर से भाग लिया था, वह एक ब्रिटिश मूल के खिलाड़ी थे.