स्टार तीरंदाज दीपिका कुमारी और उनके पति अतनु दास को खेल मंत्रालय के ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम’ योजना (Target Olympic Podium Scheme- टॉप्स) से बाहर कर दिया गया. ऐसा राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट में उनके लचर प्रदर्शन की वजह से किया गया है.
मंत्रालय की ओलंपिक इकाई (एमओसी) ने हैदराबाद में राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद पिछले महीने दीपिका (पूर्व नंबर एक रिकर्व तीरंदाज) और अतनु को दिए जा रहे सहयोग की समीक्षा करने का फैसला किया था. खेल मंत्रालय ने कहा, ‘टूर्नामेंट में लचर प्रदर्शन को देखते हुए एमओसी ने उन्हें अभी टॉप्स सूची में शामिल नहीं करने का फैसला किया है.’
टोक्यो ओलंपिक से खाली हाथ लौटे थे
विभिन्न विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बावजूद इस तीरंदाजी जोड़ी ने बहुस्पर्धा टूर्नामेंट में लचर प्रदर्शन दिखाया, जिसमें टोक्यो ओलंपिक भी शामिल है. टोक्यो ओलंपिक में उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे खाली हाथ लौटे.
पिछले साल अक्टूबर में यांकटोन में विश्व कप फाइनल्स के बाद उनकी समस्याएं बढ़ गईं. एमओसी सदस्यों, SAI और भारतीय तीरंदाजी संघ के अधिकारियों ने उन्हें इस निर्णय की जानकारी दे दी.
टॉप्स से बाहर, अब क्या करेंगी दीपिका?
दीपिका ने कहा कि टॉप्स से बाहर किए जाने के बाद वह मजबूत वापसी के लिए प्रेरित होंगी. इसके अलावा एमओसी ने दो ‘डेवलपमेंट’ ग्रुप के खिलाड़ियों की एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों में मदद के लिए 6.56 लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी.
एमओसी ने 20 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज नवीन के लिए भी 4.14 लाख रुपये की राशि मंजूर की. एमओसी ने 17 साल की रिकर्व तीरंदाज ऋद्धि के लिए 2.42 लाख रुपये को मंजूरी दी जो पिछले साल नवंबर में ढाका में एशियाई चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं.
साथ ही एमओसी ने पैरा निशानेबाज मनीष नरवाल को उपकरण खरीदने और अपने कोच के खर्चे के लिए चार लाख रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी.