वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार, 3 जनवरी को रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया, जब उन्होंने बेनौनी के विलोमूर पार्क में दक्षिण अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ तीन मैचों की यूथ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम की कप्तानी की. हालांकि कप्तान के रूप में अपने पहले मैच में वह 12 गेंदों पर सिर्फ 11 रन ही बना सके, लेकिन इसके बावजूद यह मुकाबला उनके युवा और तेजी से आगे बढ़ते करियर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुआ.
सूर्यवंशी ने बनाया रिकॉर्ड
महज 14 साल की उम्र में सूर्यवंशी यूथ वनडे में किसी टीम की कप्तानी करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. इसके साथ ही उन्होंने 16 साल की उम्र से पहले किसी भी फॉर्मेट में अंतरराष्ट्रीय अंडर-19 मैच में किसी टीम का नेतृत्व करने वाले पहले क्रिकेटर बनकर भी इतिहास रच दिया. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
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नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे और उपकप्तान विहान मल्होत्रा के चोटिल होने के कारण सूर्यवंशी को इस तीन मैचों की सीरीज के लिए कप्तानी सौंपी गई थी. हालांकि दोनों खिलाड़ियों के आगामी अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए वापसी करने की उम्मीद है, जिसकी शुरुआत 15 जनवरी से होगी और इसका आयोजन जिम्बाब्वे और नामीबिया में किया जाएगा.
लगातार तहलका मचाए हैं वैभव
इससे पहले सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी रिकॉर्डतोड़ और विस्फोटक बल्लेबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी थीं. बिहार की ओर से अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रांची में खेलते हुए उन्होंने महज 36 गेंदों में शतक जड़ दिया था. उनकी 84 गेंदों पर खेली गई 190 रन की तूफानी पारी में 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे, जिसकी बदौलत बिहार ने अरुणाचल प्रदेश पर 397 रनों की विशाल जीत दर्ज की थी.
इस ऐतिहासिक पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने के एबी डिविलियर्स के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. उन्होंने यह उपलब्धि 10 गेंदें पहले हासिल की. इसके अलावा, उनकी पारी में लगाए गए 15 छक्के लिस्ट ए फॉर्मेट में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्के हैं.
जूनियर और घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर सूर्यवंशी को हाल ही में 2025–26 रणजी ट्रॉफी सीजन के पहले दो राउंड के लिए बिहार का उपकप्तान नियुक्त किया गया है. इसके अलावा, उन्हें हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) से भी सम्मानित किया गया. पीएमआरबीपी भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों और उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है.