भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में 21 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस हार के चलते भारत ने वनडे सीरीज को 1-2 सें गंवा दिया. बुधवार (22 मार्च) को चेन्नई में हुए सीरीज के आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया को जीत के लिए 270 रन बनाने थे, लेकिन उसकी पूरी पारी 48.1 ओवर्स में ही समाप्त हो गई. भारतीय टीम ने इस हार के चलते आईसीसी की ओडीआई रैंकिंग में अपना नंबर-1 पोजिशन भी खो दिया.
टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भले ही हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन सीरीज में भारत के लिए कुछ अच्छी चीजें भी हुईं. साथ ही इस सीरीज में टीम इंडिया से कुछ गलतियों भी हुईं, जिससे भारतीय टीम सबक भी ले सकती है. इस साल अक्टूबर-नवंबर में वनडे विश्व कप का भारत में ही आयोजन होना है, ऐसे में यह सीरीज तैयारियों के लिहाज से काफी अहम रही.
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1. मोहम्मद सिराज और शमी की फॉर्म: तेज मोहम्मद सिराज ने वनडे सीरीज में कमाल की गेंदबाजी की. सिराज ने तीन पारियों में 20.60 की औसत से पांच विकेट चटकाए और वह मिचेल स्टार्क के बाद सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. सिराज का बखूबी साथ मोहम्मद शमी ने भी दिया, जिन्होंने पहले मुकाबले में तीन विकेट लिए थे. शमी और सिराज का फॉर्म में रहना भारतीय टीम के लिए अच्छा संकेत है. जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के चलते काफी महीनों तक क्रिकेटिंग एक्शन से दूर रहने की उम्मीद है, ऐसे में इन दोनों गेंदबाजों के कंधों पर अच्छा खेल दिखाने की जिम्मेदारी रहने वाली है.
2. सूर्यकुमार का रिप्लेसमेंट खोजना होगा: भारतीय टीम के लिए मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव तीनों ही मैचों में बल्ले से पूरी तरह फेल रहे. सूर्या की बैटिंग इतनी निराशाजनक रही कि उन्होंने गोल्डन डक की हैट्रिक बना दी, यानी वह तीनों मैचों में पहली ही गेंद पर आउट हो गए. सूर्या यदि वनडे में अच्छा खेल नहीं दिखा पा रहे हैं तो भारत को अब वर्ल्ड कप के मद्देनजर जल्द ही उनका रिप्लेसमेंट खोज लेना चाहिए. संजू सैमसन से बेहतर रिप्लेसमेंट शायद कौन हो सकता है, जो मौके की तलाश में बैठे हैं.

3. केएल राहुल की फॉर्म में वापसी: वनडे सीरीज में केएल राहुल की बैटिंग भारत के लिए सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट रहा. केएल राहुल ने तीन मैचों में 58 की औसत से 116 रन बनाए. पहले मुकाबले में राहुल ने नाबाद 75 रनों की पारी खेलकर अपना क्लास दिखाया था, वहीं तीसरे वनडे मैच में भी राहुल ने 32 रन बनाए. गौरतलब है कि केएल राहुल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मैचों में फ्लॉप रहे थे जिसके बाद उनकी प्लेइंग-11 से छुट्टी हो गई थी. अब राहुल ने फॉर्म में वापसी कर अच्छे संकेत दिए हैं.
4. बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ सुधार की जरूरत: इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों को बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने काफी परेशान किया. पहले दो मुकाबलों में मिचेल स्टार्क ने टीम इंडिया की नाक में दम करके रख दिया था और कुल आठ विकेट निकाले. ऐसे में बाएं हाथ के फास्ट बॉलर्स के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को काफी प्रैक्टिस करने की जरूरत है. स्टार्क से पहले ट्रेंट. बोल्ट, शाहीन आफरीदी जैसे गेंदबाजों के सामने भी भारतीय टीम के बल्लेबाज परेशानी में दिख चुके हैं.
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5. कुलदीप-हार्दिक का गेंद से कमाल: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों ही वनडे मुकाबले में चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को मौका दिया गया. लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल भी स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें एक भी मुकाबला नहीं खेलने को मिला. कुलदीप ने तीन पारियों में 29 की औसत से चार विकेट चटकाए. ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने भी इस सीरीज में अच्छी गेंदबाजी की और कुल चार विकेट निकाले.
भारत-ऑस्ट्रेलिया ODI सीरीज का हाल (2023):
पहला मैच (मुंबई)- भारत की पांच विकेट से जीत
दूसरा मैच (विशाखापट्टनम)- ऑस्ट्रेलिया 10 विकेट से जीता
तीसरा मैच (चेन्नई)- ऑस्ट्रेलिया की 21 रन से जीत
सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर:
1.मिचेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया)- 194 रन
2. केएल राहुल (भारत)- 116 रन
3. ट्रेविस हेड (ऑस्ट्रेलिया)- 89 रन
4. विराट कोहली (भारत)- 89 रन
5. रवींद्र जडेजा (भारत)- 79 रन
सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले प्लेयर:
1. मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया)- 8 विकेट
2. मोहम्मद सिराज (भारत)- 5 विकेट
3. एडम जाम्पा (ऑस्ट्रेलिया)-4 विकेट
4. हार्दिक पंड्या (भारत)- 4 विकेट
5 सीन एबॉट (ऑस्ट्रेलिया)- 4 विकेट