आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच शनिवार (28 फरवरी) को रोमांचक मुकाबला खेला गया. पल्लेकेले के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुए सुपर-8 के इस मुकाबले में पाकिस्तान ने 5 रनों से जीत हासिल की. मुकाबले में श्रीलंका को जीत के लिए 213 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसका पीछा करते हुए वो 6 विकेट पर 207 रन ही बना सका.
इस मैच का अंत जिस तरह से हुआ, वो विवादों में घिर गया. आखिरी दो गेंदों को वाइड ना दिए जाने के फैसले के चलते श्रीलंका की जीत की उम्मीद अधूरी रह गईं. श्रीलंका को आखिरी ओवर में जीत के लिए 28 रन बनाने थे. शाहीन आफरीदी के उस ओवर में श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका ने शुरुआती चार गेंदों पर 22 रन (4,6,6,6) बना दिए थे. यानी अब 2 गेंदों में सिर्फ 6 रन चाहिए थे. स्टेडियम में मौजूद दर्शक जोश में थे और पाकिस्तानी टीम दबाव में आ चुकी थी.
ओवर की पांचवीं गेंद शाहीन आफरीदी ने ऑफ साइड की ओर लो फुल टॉस फेंकी. दासुन शनाका ने स्कूप शॉट खेलने की कोशिश की. लेकिन गेंद से संपर्क नहीं हो सका. उन्होंने तुरंत वाइड की अपील की, लेकिन अंपायर रॉड टकर ने इसे वाइड नहीं दिया. आखिरी गेंद भी लगभग उसी लाइन पर डाली गई.
दासुन शानाका ने आखिरी गेंद को छोड़ दिया, उन्हें उम्मीद थी कि इस बार वाइड मिलेगा, लेकिन अंपायर ने फिर से हाथ नहीं फैलाया. रिप्ले में साफ दिखा कि आखिरी गेंद वाइड थी, ऐसे में अंपायर यहां चूक गए. इसके साथ ही पाकिस्तान ने जीत का जश्न मनाया, जबकि श्रीलंका खेमे में नाराजगी साफ दिखी.
मैच के बाद श्रीलंका के हेड कोच सनथ जयसूर्या तुरंत अंपायर रॉड टकर के पास पहुंचे और आखिरी गेंद को वाइड ना दिए जाने को लेकर सवाल किए. बड़ी स्क्रीन पर रिप्ले देखकर जयसूर्या निराशा में सिर हिलाते नजर आए. वहीं, दासुन शनाका ने आंखें बंद कर निराशा जाहिर की, लेकिन इसके बाद उन्होंने दर्शकों का अभिवादन किया. शनाका ने 8 छक्के और दो चौके की मदद से 31 गेंदों पर नबााद 76 रन बनाए.
पाकिस्तानी टीम जीत के बावजूद सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई. पाकिस्तानी टीम यदि श्रीलंका को 147 रनों के स्कोर तक रोक लेती, तो ही वो अंतिम-चार में पहुंचती. ग्रुप-2 से न्यूजीलैंड ने बेहतर नेट रनरेट के कारण सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया. इंग्लैंड पहले ही इस ग्रुप से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका था.
यह मुकाबला टी20 विश्व कप इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में गिना जाएगा, हालांकि इसका अंत लंबे समय तक विवादों के लिए याद रखा जाएगा.