अफगानिस्तान को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ दिल तोड़ने वाली हार मिली थी. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडिय में खेला गया ग्रुप-डी का यह मुकाबला डबल सुपर ओवर तक खिंच गया था, जहां अफ्रीकी टीम विजय रही थी. इस हार के चलते अफगानी टीम अब टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने की कगार पर पहुंच गई है.
अफगानिस्तान को अब अपने बाकी दोनों ग्रुप मुकाबले जीतने होंगे, साथ ही इस ग्रुप में अन्य मैचों के नतीजे भी उनके अनुकूल होने चाहिए. साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद अफगानी टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक्शन लिया है.
मोहम्मद नबी पर आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है. नबी को आईसीसी की आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन्होंने प्लेयर्स और सपोर्ट पर्सनल के लिए बनाए गए कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.4 का उल्लंघन किया, जो अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान अंपायर के निर्देश का पालन ना करने से संबंधित है.
क्या था पूरा मामला?
यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई, जब मोहम्मद नबी ने साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी के हाथ में पहने गए रिस्टबैंड को लेकर अंपायरों से लंबी बहस की थी. मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और दो नाटकीय सुपर ओवर के बाद साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को करीबी मुकाबले में हरा दिया.
आईसीसी ने मोहम्मद नबी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा है. पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है. नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और आईसीसी इंटरनेशनल पैनल के मैच रेफरी डेविड गिल्बर्ट की ओर से प्रस्तावित सजा मान ली, इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
मैदानी अंपायरों जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, थर्ड अंपायर नितिन मेनन और फोर्थ अंपायर केएन अनंतपद्मनाभन ने मोहम्मद नबी पर आरोप लगाए थे. लेवल-1 उल्लंघन में न्यूनतम सजा आधिकारिक फटकार होती है, जबकि अधिकतम सजा मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हो सकती है.