Shardul Thakur, Ind Vs Sa: साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच में शार्दुल ठाकुर ने कमाल कर दिया. पहली पारी में सिर्फ 202 पर ऑलआउट हुई टीम इंडिया के सामने चुनौती थी कि कैसे साउथ अफ्रीका को कम स्कोर पर रोका जाए. एक वक्त पर अफ्रीका टीम पार्टनरशिप बना रही थी, लेकिन शार्दुल ने हर कोशिश को नाकाम कर दिया. पहली पारी में 7 विकेट लेने वाले शार्दुल ठाकुर ने खुद बताया कि उन्होंने मैदान पर कौन-सा जादू किया.
दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद बॉलिंग कोच पारस म्हाब्रे से बातचीत के दौरान शार्दुल ठाकुर ने बताया कि वह जब भी मैदान में जाते हैं तो पूरे कॉन्फिडेंस के साथ जाते हैं, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. शार्दुल बोले कि यही मेरी सफलता का मंत्र है, मैं हमेशा जीत के लिए ही खेलता हूं.
Man of the moment reacts to the social media frenzy post his 7⃣-wicket haul at The Wanderers. 👏 👍
— BCCI (@BCCI)
P.S. How did he get the title of 'Lord'? 🤔
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शार्दुल ठाकुर ने बताया कि मेरी कोशिश थी कि सही एरिया में बॉल डाल सकूं, पिच से कुछ मदद मिल रही थी. ऐसे में स्विंग को सही तरीके से करने की कोशिश की, बाकी भगवान की इच्छा थी और मैं टीम के लिए अच्छा कर पाया.
कहां से आया 'Lord' वाला नाम?
पारस म्हाब्रे ने इस दौरान शार्दुल ठाकुर से ‘Lord Shardul’ के बारे में भी बात की और सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड के बारे में बताया. साथ ही सचिन तेंदुलकर द्वारा की गई तारीफ का ट्वीट भी पढ़ा. शार्दुल ने कहा कि ये खुशी की बात है कि खुद भगवान ने मेरे बारे में ट्वीट किया, उन्होंने कई मौकों पर मेरा सपोर्ट किया है.
शार्दुल ठाकुर ने बताया कि जब हम ऑस्ट्रेलिया से वापस आए थे, तब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में जब मैंने लगातार विकेट लिए तब किसी ने लॉर्ड नाम दिया और तभी से ये चल रहा है.
गौरतलब है कि शार्दुल ठाकुर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग टेस्ट की पहली पारी में 61 रन देकर सात विकेट लिए हैं. किसी भी भारतीय बॉलर का साउथ अफ्रीका में ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इतना ही नहीं भारत और साउथ अफ्रीका के बीच किसी भी बॉलर का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. यही वजह है कि एक वक्त पर मजबूत दिख रही साउथ अफ्रीका की टीम सिर्फ 27 रनों की ही बढ़त ले पाई थी.