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रिंकू सिंह का कैच छूटा… कीमत ₹96 लाख! इसके बाद KKR ने तोड़ दिया जीत का ताला

Kolkata Knight Riders ने आईपीएल 2026 में आखिरकार जीत का खाता खोल लिया. इस जीत के पीछे सबसे बड़ा मोड़ 10.6 ओवर पर छूटा वह कैच रहा, जब Rinku Singh 8 रन पर थे. इस जीवनदान के बाद रिंकू ने नाबाद 53 रन ठोकते हुए मैच KKR की झोली में डाल दिया. इम्पैक्ट एनालिसिस के मुताबिक, उस एक गलती की 'कीमत' करीब ₹96 लाख आंकी गई- यानी वही योगदान, जो रिंकू ने कैच छूटने के बाद बनाया और जिसने मैच का पूरा रुख पलट दिया.

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रिंकू का कैच छूटा - 'एक गलती ₹96 लाख की' (Photo, PTI)
रिंकू का कैच छूटा - 'एक गलती ₹96 लाख की' (Photo, PTI)

आईपीएल 2026 के 28वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने सीजन की अपनी पहली जीत दर्ज की, लेकिन इस जीत की पटकथा किसी बड़े स्कोर या धमाकेदार शुरुआत से नहीं, बल्कि राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) की एक अहम चूक से लिखी गई. यह चूक थी 11वें ओवर की आखिरी गेंद पर छूटा एक आसान कैच, जिसकी कीमत आंकड़ों के मुताबिक करीब ₹96 लाख आंकी गई है.

156 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए KKR की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने 11 ओवरों के भीतर ही 73 रनों पर पांच विकेट गंवा दिए थे. टिम सीफर्ट, अजिंक्य रहाणे, कैमरन ग्रीन, अंगकृष रघुवंशी और रोवमैन पॉवेल जैसे बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे. मैच पूरी तरह राजस्थान के नियंत्रण में नजर आ रहा था और KKR की निचली पंक्ति पर दबाव बढ़ता जा रहा था.

इसी बीच 10.6 ओवर पर वह पल आया जिसने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया. रिंकू सिंह उस समय महज 8 रन पर थे, जब उनका कैच छूट गया. यह केवल एक साधारण फील्डिंग मिस नहीं थी, बल्कि मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई.

इस जीवनदान के बाद रिंकू सिंह ने जिस तरह पारी को संभाला, वह KKR की जीत की सबसे बड़ी वजह बना. उन्होंने नाबाद 53 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर टिके रहकर टीम को चार विकेट से जीत दिलाई. खास बात यह रही कि कैच छूटने के बाद KKR ने कुल 88 रन बनाए, जिनमें 45 रन अकेले रिंकू के बल्ले से निकले. यानी उस चरण में टीम के कुल स्कोर में उनका योगदान 51 प्रतिशत से अधिक रहा.

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10.6 ओवर- गेंदबाज रवींद्र जडेजा- स्ट्राइक पर रिंकू सिंह.
-फुल लेंथ की गेंद ऑफ स्टंप के बाहर र रिंकू ने बिना देखे स्लॉग खेलने की कोशिश की.टाइमिंग बिगड़ी, बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और गेंद आसमान में ऊंची उठ गई.

- यह एक ऐसा मौका था, जिसे क्रिकेट की भाषा में 'सिटर' कहा जाता है- यानी लगभग पक्का कैच.

- शॉर्ट थर्ड से नांद्रे बर्गर तेजी से आगे बढ़े, गेंद के नीचे खुद को सेट किया. विकेटकीपर ध्रुव जुरेल भी उनकी ओर आ रहे थे, लेकिन आखिरी पल में रुक गए- क्योंकि कैच पूरी तरह बर्गर के नियंत्रण में दिख रहा था.

- डगआउट में बैठे संदीप शर्मा तक को यकीन हो गया था कि यह विकेट गिर चुका है.

... लेकिन तभी- एक चूक.
गेंद हाथों में आई… और फिसल गई.

रिंकू की पारी केवल रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसमें मैच की नब्ज पकड़ने की समझ साफ नजर आई. उन्होंने 25 गेंदों का सामना करते हुए 7 बाउंड्री (पांच चौके और दो छक्के) लगाए. मिडिल ओवर्स में जब रन गति धीमी हो सकती थी, तब उन्होंने संयम से बल्लेबाजी की, स्ट्राइक रोटेट की और दबाव को झेला. इसके बाद जैसे ही लक्ष्य करीब आया, उन्होंने आक्रामक रुख अपनाकर मैच को KKR के पक्ष में मोड़ दिया.

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आंकड़ों के नजरिए से देखें तो यह चूक और भी भारी साबित होती है. इम्पैक्ट कैलकुलेशन के मुताबिक रिंकू सिंह का कुल बैटिंग इम्पैक्ट 76.37 रहा, जिसमें से 68.28 इम्पैक्ट पॉइंट्स उस कैच के छूटने के बाद आए. इस मैच में एक इम्पैक्ट पॉइंट की कीमत लगभग ₹1.4046 लाख मानी गई, जिसके आधार पर यह गलती करीब ₹95.9 लाख की बैठती है.

कैसे बना ₹96 लाख का ‘ड्रॉप’?

- ड्रॉप का मोमेंट
10.6 ओवर पर रिंकू सिंह 8 रन पर थे और उनका कैच छूट गया.

- उसके बाद का योगदान
उस मौके के बाद रिंकू अंत तक टिके और नाबाद 53 रन बनाए.
यानी ड्रॉप के बाद उन्होंने 45 रन जोड़े और मैच जिताया.

- इम्पैक्ट पॉइंट्स का इस्तेमाल
इस एनालिसिस में हर खिलाड़ी के योगदान को 'इम्पैक्ट पॉइंट्स' में मापा जाता है.
रिंकू का कुल बैटिंग इम्पैक्ट: 76.37
इसमें से 68.28 इम्पैक्ट पॉइंट्स आए सिर्फ उस ड्रॉप के बाद

- हर पॉइंट की कीमत
इस मैच के लिए एक इम्पैक्ट पॉइंट = ₹1.4046 लाख माना गया।

- फाइनल कैलकुलेशन
68.28 × ₹1.4046 लाख = ₹95.9 लाख

'इम्पैक्ट पॉइंट्स' का मतलब है, आपकी हर पारी या गेंद से टीम की जीत की संभावना कितनी बदली. अगर आसान हालात में रन बनते हैं, तो इम्पैक्ट कम होता है. लेकिन मुश्किल वक्त में बनाए गए रन- जैसे 70/5 पर ज्यादा इम्पैक्ट देते हैं.

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इसी वजह से रिंकू सिंह के ड्रॉप के बाद बनाए गए रन का इम्पैक्ट बहुत ज्यादा माना गया, क्योंकि उन्होंने दबाव में मैच को पलटा.

यदि उस समय कैच पकड़ लिया जाता, तो KKR की स्थिति और भी खराब हो सकती थी. 73/6 का स्कोर टीम को गहरे संकट में डाल देता और निचले क्रम के बल्लेबाजों पर दबाव कई गुना बढ़ जाता. लेकिन कैच छूटने से न केवल रिंकू को क्रीज पर टिके रहने का मौका मिला, बल्कि उन्होंने मैच को अंत तक नियंत्रित भी किया.

अंततः केकेआर को इस सीजन की पहली जीत मिली, जबकि राजस्थान के लिए यह हार एक कड़वा सबक बन गई. क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि कैच मैच जिताते हैं और इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एक छूटा हुआ कैच भी मैच हरा सकता है.

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