दिल्ली कैपिटल्स (DC) के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग ने स्पष्ट किया कि वह भारत के सीनियर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आउट करने के विवादास्पद तरीके ‘मांकड़िंग’ को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे. उनका मानना है कि यह तरीका ‘खेल भावना’ के अंतर्गत नहीं है.
पिछले आईपीएल सत्र में राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज जोस बटलर 69 रन पर नॉन-स्ट्राइकर छोर पर रन आउट हो गए थे. दरअसल, तब किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) की कप्तानी कर रहे अश्विन ने उनकी गिल्लियां गिरा दी थीं जब यह बल्लेबाज गेंद फेंके जाने से पहले क्रीज से बाहर चला गया था.
पूर्व भारतीय स्पिनर वीनू मांकड़ के नाम पर पड़ा यह आउट करने का तरीका क्रिकेट के नियमों के अतंर्गत है, लेकिन कुछ इसे खेल भावना के खिलाफ मानते हैं. वीनू मांकड़ ने 1947 में इसी तरीके से ऑस्ट्रेलिया के बिल ब्राउन को आउट किया था.
अश्विन इस साल आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेल रहे हैं जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 19 सितंबर से शुरू हो रहा है. उन्होंने आउट करने के अपने इस कदम का बचाव किया था और कहा था कि यह खेल के नियमों के अंतर्गत था.
लेकिन महान बल्लेबाज पोंटिंग को लगता है कि यह खेल भावना के खिलाफ था और उनकी टीम इस आईपीएल में इसका इस्तेमाल नहीं करेगी. उन्होंने ‘द ग्रेड क्रिकेटर पॉडकास्ट’ में कहा, ‘मैं उनसे इसके (मांकड़िंग) बारे में बात करूंगा, मैं पहली चीज यही करूंगा. यह उनके साथ सख्ती वाली बातचीत होगी. मुझे लगता है कि शायद वह कहेंगे कि यह नियमों के हिसाब से था और उनके पास ऐसा करने का अधिकार है.’
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45 साल के पोंटिंग ने कहा, ‘लेकिन यह खेल भावना के अंतर्गत नहीं है, यह वो तरीका नहीं है जो मैं चाहता हूं, कम से कम दिल्ली कैपिटल्स के साथ.’ पोटिंग ने कहा कि उन्होंने पिछले साल ही अपने खिलाड़ियों को कहा था कि दिल्ली की टीम इसका इस्तेमाल नहीं करेगी.
उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से वह (अश्विन) पिछले साल हमारी टीम में नहीं थे, वह इस साल हमारे खिलाड़ियों में शामिल हैं. देखिए वह शानदार गेंदबाज हैं और उन्होंने काफी लंबे समय तक आईपीएल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है.’