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अगर गिर जाती धोनी की 'बेल्स' तो समझो हार जाती टीम इंडिया

धोनी ने 63 रनों में 45 रनों की पारी खेली, तो वहीं भुवनेश्वर ने भी 80 गेंदों पर 4 चौके और 1 छक्के की मदद से शानदार 53 रन बनाए. लेकिन मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब लगा मैच हाथ से फिसल गया.

धोनी ने जिताया मैच धोनी ने जिताया मैच

श्रीलंका के खिलाफ पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और भुवनेश्वर कुमार की 100 रनों की साझेदारी के दम पर भारत ने मैच जीत लिया. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि भारत मैच हार जाएगा. लेकिन 131 पर 7 विकेट गंवाने के बाद भी हमने मैच 3 विकेट से जीता.

धोनी ने 63 रनों में 45 रनों की पारी खेली, तो वहीं भुवनेश्वर ने भी 80 गेंदों पर 4 चौके और 1 छक्के की मदद से शानदार 53 रन बनाए. लेकिन मैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब लगा मैच हाथ से फिसल गया.

लय में लौटा सबसे बड़ा 'मैच फिनिशर', धोनी में अभी दम है!

यह था महेंद्र सिंह धोनी का विकेट, विश्वा फर्नान्डो ने मैच के 35वें ओवर में धोनी को बोल्ड कर दिया था. फर्नान्डो के इस ओवर की तीसरी गेंद धोनी के बैट और पैरों के बीच से होकर सीधे स्टंप पर जा लगी थी, लेकिन बावजूद इसके धोनी आउट नहीं हो सके. दरअसल, बॉल स्टंप पर तो लगी, लेकिन बेल्स नहीं गिरी जिसकी वजह से उन्हें आउट करार नहीं दिया गया.

इस समय धोनी 29 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और मुश्किल में फंसी टीम इंडिया को जीत के लिए 59 रन की और जरूरत थी. धोनी के आउट होने के बाद किसी भी बल्लेबाज का विकेट भारत के पास सुरक्षित नहीं था.

2019 वर्ल्ड कप के लिए खुद को साबित करने का धोनी के पास आखिरी मौका

आलोचकों को करारा जवाब

पिछले काफी समय से लगातार सवाल उठ रहे थे कि क्या अब धोनी का समय पूरा हो गया है, क्या अब उन्हें खेल छोड़ देना चाहिए. चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने भी कहा था कि धोनी की जगह टीम में पक्की नहीं है, अगर वो परफॉर्म करेंगे तो ही टीम में चयन होगा. एक बार फिर मैच फिनिशर की भूमिका अदा करके धोनी ने साबित कर दिया कि अभी उनमें दम है.

 

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