इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) ने गली क्रिकेट को एक पेशेवर मंच पर लाकर भारतीय क्रिकेट में नई क्रांति लाने का काम किया है. यह लीग न केवल खिलाड़ियों को प्रसिद्धि और धन कमाने का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि समाज के आर्थिक और सामाजिक बाधाओं को भी तोड़ रही है. कृष्णा लक्ष्मण सतपुते के लिए भी ISPL एक बड़ा बदलाव था, जो 20 सालों से अधिक समय से टेनिस-बॉल क्रिकेट में एक्टिव हैं.
कृष्णा सतपुते ने टेनिस-बॉल क्रिकेटर के रूप में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, 'मेरे सुपरवाइजर ने मुझे 'मोबाइल' नाम दिया था. ऐसा इसलिए क्योंकि पुणे आने के बाद मुझे मैच खेलने के लिए बहुत सारे कॉल आते थे. आखिरकार, मेरे सुपरवाइजर ने मुझे नौकरी से निकाल दिया, लेकिन मुझे क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी.'
कृष्णा सतपुते ने 17 साल की उम्र में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मनी. कृष्णा टेनिस बॉल क्रिकेट का बड़ा नाम बन चुके हैं. साल 2010 में उन्होंने 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के तौर पर मोटरसाइकिल जीती थी. 2013 तक उन्होंने हुंडई सैंट्रो खरीद ली थी. 2016 में उन्होंने 15 लाख रुपये का अग्रिम भुगतान करके 39 लाख रुपये में 1,400 वर्ग फीट का फ्लैट खरीदा.
कृष्णा सतपुते: 'टेनिस बॉल क्रिकेट के भगवान'
कृष्णा ने इंडिया टुडे डिजिटल से कहा, 'टेनिस बॉल क्रिकेट की वजह से मेरे सारे सपने पूरे हुए. अब मेरे पास 1.5-2 करोड़ रुपए की संपत्ति है. यहां तक कि 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने भी कृष्णा सतपुते को 'टेनिस बॉल क्रिकेट का भगवान' माना है.
सिर्फ कृष्णा सतपुते ही नहीं, टेनिस-बॉल क्रिकेट या गली क्रिकेट ने कई सितारे बनाए हैं. महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी बाबू पाटिल उनमें से एक हैं. फिर अभिषेक कुमार दलहोर हैं. हरियाणा के इस 26 वर्षीय टेनिस-बॉल क्रिकेटर ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ नेट बॉलर के रूप में इंडियन प्रीमियर लीग का अनुबंध हासिल किया.
कई खिलाड़ी अब घर-घर में मशहूर हो चुके हैं. आप सोच रहे होंगे- गली क्रिकेट से घर-घर में मशहूर हुए खिलाड़ी? टेनिस-बॉल क्रिकेट के कुछ शीर्ष सितारों के इंस्टाग्राम पेज पर नजर डालें तो आपको पता चल जाएगा कि वे कितने लोकप्रिय हैं. भारत में गली क्रिकेट अब एक समानांतर अर्थव्यवस्था बन चुका है. शहरों और कस्बों में स्थानीय टूर्नामेंट खूब फल-फूल रहे हैं. महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली-एनसीआर में गली क्रिकेट ने पेशेवर चमक हासिल कर ली है. डेडिकेटड मोबाइल ऐप पर सूचीबद्ध स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों के लिए पुरस्कार राशि 5,000 रुपये से लेकर 15 लाख रुपये या उससे अधिक तक होती है.

टेनिस-बॉल क्रिकेट के कुछ बड़े नाम अब प्रति मैच 10,000 से 25,000 रुपये तक कमाते हैं. शीर्ष खिलाड़ियों को अक्सर मिडिल ईस्ट में खेलने के लिए निमंत्रण मिलते हैं, जहां टेनिस-बॉल क्रिकेटर्स के लिए पुरस्कार राशि बहुत अधिक होती है. मुंबई, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों के खिलाड़ियों को अक्सर टूर्नामेंट में खेलने के लिए यूएई की यात्रा करने का अवसर मिला है.
कृष्णा सतपुते की क्रिकेट की यात्रा तब शुरू हुई जब वह सिर्फ 13 साल के थे, महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के अपने गृहनगर कुर्दुवाड़ी में, जो पुणे से करीब 250 किलोमीटर दूर है. वह अपने स्कूल में सीनियर छात्रों को खेलते हुए देखते थे और उनके शॉट्स की नकल करने की कोशिश करते थे. एक दिन अभ्यास मैच के दौरान उन्हें मौका मिला, जब चार गेंदें बची थीं. इस दौरान उन्होंने दो छक्के लगाए.
1998 में, जब कृष्णा सतपुते 10वीं कक्षा की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने एक स्कूली छात्र के रूप में अपना पहला वास्तविक टूर्नामेंट खेला. उनके हाथ में बल्ला और आंखों में चमक थी. लेकिन जल्द ही त्रासदी घटित हो गयी. 2003 में कृष्णा ने कुछ ही महीनों के भीतर अपने माता-पिता को खो दिया. कृष्णा को अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए छोटी-मोटी नौकरियां करनी पड़ीं. क्रिकेट से ब्रेक लेकर वह एक निर्माण स्थल पर काम करने लगे, जहां उन्हें प्रतिदिन 50 रुपये मिलते थे.
कई दिन ऐसे भी थे जब उन्हें और उनकी पत्नी को भूखे रहना पड़ता था. उन्हें क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा, लेकिन खेल ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा. अपनी दिहाड़ी मजदूरी की नौकरी के साथ ही कृष्णा ने छोटे स्थानीय टूर्नामेंट में खेलना शुरू किया, जहां पुरस्कार राशि 500 रुपये या 1000 रुपये जितनी मामूली थी. लेकिन 2012 के बाद उन्हें वित्तीय लाभ दिखने लगा, जब उन्हें एक टूर्नामेंट में खेलने के लिए 2,000 रुपये से 50000 रुपये तक के प्राइज पूल की पेशकश की गई. यह वह राशि थी जो पहली बार बल्ला थामने पर असंभव लगती थी.
कृष्णा सतपुते की बढ़ती प्रतिष्ठा उन्हें भारत की सीमाओं से बाहर ले गई थी. उन्होंने सऊदी अरब, कतर और यूएई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय टेनिस-बॉल टूर्नामेंट में खेलना शुरू किया और यहां तक कि इंग्लैंड में 2019 विश्व कप के दौरान आईसीसी द्वारा आयोजित क्रिओ कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया. आज टूर्नामेंट के प्रोफाइल के आधार पर कृष्णा को हर मैच के लिए 3000 से 5000 रुपये तक मिलते हैं. बड़े इवेंट के लिए उनकी मैच फीस 10000 रुपये या 25000 रुपये तक हो सकती है.
ISPL को मिल रहा सितारों का समर्थन
ISPL की शुरुआत 2021 में मुंबई के धारावी में एक टैलेंट हंट के रूप में हुई थी. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमोल काले ने इस पहल को आगे बढ़ाया, जिसमें पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर और बीसीसीआई के तत्कालीन कोषाध्यक्ष आशीष शेलार ने भी समर्थन दिया. भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री को लीग का मेंटर नियुक्त किया गया.
ISPL में फिलहाल छह टीमें शामिल हैं- माजी मुंबई, बेंगलुरु स्ट्राइकर्स, श्रीनगर के वीर, चेन्नई सिंघम्स, फाल्कन राइजर्स हैदराबाद और टाइगर्स ऑफ कोलकाता. पहला सीजन मार्च 2024 में मुंबई के दादोजी कोंडादेव स्टेडियम में आयोजित हुआ, जिसमें 11 मिलियन दर्शकों ने देखा और 5 लाख से अधिक लोगों ने स्टेडियम में उपस्थिति दर्ज की. पहले सीजन के विजेता टाइगर्स ऑफ कोलकाता थे. जबकि दूसरा सीजन जनवरी-फरवरी 2025 में आयोजित हुआ, जिसमें माजी मुंबई ने जीत हासिल की. कृष्णा सतपुते 8.5 लाख रुपये में हैदराबाद फ्रेंचाइजी से जुड़े. आईएसपीएल में ही उनकी मुलाकात अपने आदर्श और बचपन के हीरो सचिन तेंदुलकर से हुई.

ISPL को बॉलीवुड सितारों का भी भरपूर समर्थन मिला है. अमिताभ बच्चन माजी मुंबई टीम के मालिक हैं, जबकि अक्षय कुमार, राम चरण, ऋतिक रोशन, सूर्या, सैफ अली खान और करीना कपूर खान अन्य टीमों के सह-मालिक हैं. सचिन तेंदुलकर ने लीग में रणनीतिक निवेश किया है और कोर कमेटी के सदस्य के रूप में लीग के प्रारूप को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
कृष्णा सतपुते ने सचिन तेंदुलकर से मुलाकात पर कहा, 'सचिन से मिलना मेरा आजीवन सपना था. मैंने उनसे कहा कि पूरे भारत में लोग मुझे टेनिस क्रिकेट का भगवान कहते हैं. तो सचिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने सब कुछ देखा है- ट्रॉफी, फैन क्लब, आपका सफर. आप कड़ी मेहनत से यहां तक पहुंचे हैं.'
क्या टेनिस बॉल क्रिकेट का क्रेज सिर्फ आईएसपीएल जैसी बड़ी लीगों तक ही सीमित है? सौभाग्य से, ऐसा नहीं है. भारत का हर राज्य अब जमीनी स्तर पर गली क्रिकेट के पेशेवर पक्ष को अपनाने की कोशिश कर रहा है. तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के इलयानगुडी शहर में चार दोस्तों द्वारा चलाया जाने वाला एक यूट्यूब चैनल, उल्लूर क्रिकेट को ही लें. इसकी शुरुआत एक मोबाइल कैमरा और कुछ रील्स से हुई थी. आज इसके दो लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर, प्रायोजक और एक अत्याधुनिक प्रोडक्शन टीम है.
टिपिंग पॉइंट 1 लाख रुपये के टूर्नामेंट के साथ आया. उल्लूर क्रिकेट ने इसे स्ट्रीम किया और लोगों की प्रतिक्रिया बहुत बढ़िया रही. उन्होंने गली क्रिकेट की स्ट्रीमिंग पर बड़ा कदम उठाया, दो दिवसीय टूर्नामेंट के लिए 5,000 रुपये प्रति कैमरा के हिसाब से कई पेशेवर कैमरे उपलब्ध कराए.
हालांकि उल्लूर के सह-संस्थापक मोहम्मद रियाज का सपना इससे भी बड़ा था. राष्ट्रीय स्तर के टेनिस-बॉल टूर्नामेंट में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व की कमी से प्रेरित होकर उल्लूर ने अपनी खुद की लीग शुरू की- तमीजान स्ट्रीट प्रीमियर लीग (टीएसपीएल). इसके पहले सीजन में 1,250 से ज्यादा खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था.
गली क्रिकेट की दुनिया बहुत तेजी से विकसित हुई है और डिजिटल हो गई है. आज मोबाइल ऐप खिलाड़ियों के मैच खोजने, टीम बनाने और यहां तक कि भुगतान पाने के लिए केंद्रीय हैं. कृष्णा जैसे खिलाड़ी पहले से ही नवोदित टेनिस-बॉल समुदाय को कुछ वापस दे रहे हैं. वह पुणे में एक क्रिकेट कोचिंग सेंटर शुरू करने वाले हैं, जो युवा खिलाड़ियों को लेदर-बॉल और टेनिस-बॉल दोनों प्रारूपों में ट्रेन करेगा.
तो, अगली बार जब आप धूल भरी शनिवार की दोपहर को बॉक्स-क्रिकेट मैच खेलने जाएं, तो याद रखें- आप सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं खेल रहे हैं. आप शायद सिर्फ अपने भविष्य के लिए खेल रहे हों.
ISPL ने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट में सफलता पाने के लिए केवल आईपीएल या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना ही आवश्यक नहीं है. गली क्रिकेट और टेनिस बॉल क्रिकेट के माध्यम से भी खिलाड़ी प्रसिद्धि और धन कमा सकते हैं. यह लीग न केवल खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान कर रही है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को भी बदल रही है.
रिपोर्ट- Akshay Ramesh