भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली का नाम चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार होने जा रहा हैं. वह मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ मैदान में उतरते ही भारतीय टीम के लिए 100 टेस्ट खेलने वाले 12वें खिलाड़ी बन जाएंगे. इस लिस्ट में अब तक सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, दिलीप वेंगसरकर, कपिल देव, वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, अनिल कुंबले, सुनील गावस्कर, ईशांत शर्मा और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं.
मोहम्मद अजहरुद्दीन शतक से सिर्फ 1 टेस्ट चूके
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन इस लिस्ट में शामिल होने से सिर्फ एक टेस्ट चूक गए थे. अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट करियर में 99 टेस्ट खेले हैं और वह अपना शतक पूरा करने से महज एक टेस्ट से चूक गए थे. दरअसल, मोहम्मद अजहरुद्दीन फिक्सिंग स्कैंडल के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के द्वारा लगाए गए बैन की वजह से 100 टेस्ट पूरे करने से चूक गए थे. अजहरुद्दीन को इस बात का हमेशा मलाल रहता है.
उनके 15 साल के लंबे इंटरनेशनल क्रिकेट करियर का अंत काफी विवादों से घिरा रहा. अजहर ने भारत के लिए 99 टेस्ट मुकाबलों की 147 पारियों में 45.03 की औसत से 6215 रन बनाए. अजहर के नाम टेस्ट क्रिकेट में 22 शतक और 21 अर्द्धशतक शामिल हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनका उच्चतम स्कोर 199 रन रहा. अजहर ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत दिसंबर 1984 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मार्च 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था.
अपनी कप्तानी में भारत को बनाया था मजबूत
इसके साथ ही मोहम्मद अजहरुद्दी ने भारतीय टीम की 47 टेस्ट मुकाबलों में कप्तानी की थी, जिसमें से टीम को 14 में जीत और 14 में हार मिली. अजहर की कप्तानी में ही भारतीय टीम ने अपनी कंडीशन को अपने किले के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू किया था. अजहर लंबे समय तक भारतीय टीम के कप्तान रहे हैं,
इस मुकाबले के बाद उन पर मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोप लगे और बाद में उनपर लाइफटाइम बैन भी लगाया गया. हालांकि 12 साल बाद साल 2012 में इस बैन को हटा लिया गया था. मौजूदा समय में वह हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, और हैदराबाद में स्थित राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उनके नाम से एक स्टैंड भी है. अजहर को भारतीय टीम के सफल बल्लेबाजों के साथ एक सफल कप्तान के रूप में भी पहचाना जाता है.