भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 7 विकेट से हार झेलनी पड़ी. 14 जनवरी (बुधवार) को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में भारत ने सात विकेट पर 284 रनों का स्कोर बनाया. केएल राहुल ने नाबाद 112 रनों की पारी खेली, जो उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा. जवाब में न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया. डेरिल मिचेल ने नाबाद 131 रनों की धमाकेदार पारी खेली और मैच को एकतरफा बना दिया. मिचेल और विल यंग ने तीसरे विकेट के लिए 152 गेंदों पर 162 रनों की मजबूत साझेदारी की. यंग ने भी बेहतरीन 87 रन बनाए.
राजकोट वनडे में हार के बाद भारत के कप्तान शुभमन गिल का दर्द छलक पड़ा. शुभमन ने स्वीकार किया हार का सबसे बड़ा कारण बीच के ओवरों में नियंत्रण खोना रहा, जहां भारतीय टीम विकेट नहीं हासिल कर सकी. मैच में भारत एक समय अच्छी स्थिति में था, लेकिन विकेट नहीं मिलने से मुकाबला हाथ से निकल गया. भारत ने भले ही एक अच्छा टारगेट खड़ा किया था, लेकिन बिना विकेट निकाले उसे बचाना मुश्किल था.
शुभमन गिल ने कहा, 'हम बीच के ओवरों में विकेट नहीं ले पाए. जब पांच फील्डर अंदर होते हैं और आप लगातार विकेट नहीं निकालते, तो मैच को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है, चाहे हम और 15-20 रन क्यों ना जोड़ लेते. अगर बीच के ओवरों में विकेट नहीं गिरते, तो बड़े लक्ष्य को रोकना बहुत कठिन हो जाता है.'
सेट बल्लेबाज का बड़ी इनिंग्स खेलना जरूरी: शुभमन
शुभमन गिल कहते हैं, 'ऐसी विकेट पर जैसे ही पार्टनरशिप बनती है, सेट बल्लेबाज को बड़ी पारी खेलनी पड़ती है क्योंकि नया बल्लेबाज आते ही आसानी से रन नहीं बना पाता. अंत में, हमने बोर्ड पर एक अच्छा स्कोर लगाया और शुरुआती 10 ओवरों में हमने बेहतरीन गेंदबाजी भी की. शुरुआत इतनी अच्छी थी कि हम उन्हें दबाव में डाल सकते थे, लेकिन उनके बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में बहुत अच्छा खेला.'
शुभमन गिल ने बताया, 'पहले 10-15 ओवरों में गेंद थोड़ी स्विंग और मूव हो रही थी. लेकिन 20-25 ओवर के बाद विकेट थोड़ा स्थिर हो गया. यहां हमें गेंदबाजी में थोड़ी और बहादुरी दिखानी चाहिए थी. बीच के ओवरों में हमें और मौके लेने चाहिए थे. पिछले मैच में भी हमने कुछ कैच छोड़े थे. हम लगातार अपनी फील्डिंग को बेहतर करने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन अगर आप मौके नहीं पकड़ते, तो इस फॉर्मेट में मैच हाथ से निकल जाते हैं.'
न्यूजीलैंड के कप्तान माइकल ब्रैसवेल ने अपनी टीम के ऑलराउंड प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'यह हमारी एक कम्पलीट टीम परफॉर्मेंस थी. हम हाफवे पर काफी खुश थे. गेंदबाजो ने बेहतरीन काम किया और बल्लेबाजों ने दबाव को संभाला.'
माइकल ब्रेसवेल ने यह भी कहा कि उनकी टीम किसी भी लक्ष्य का पीछा करने को तैयार थी और खिलाड़ियों ने हालात के मुताबिक खुद को ढाला. ब्रैसवेल ने डेब्यू कर रहे गेंदबाज जेडन लेनोक्स की भी तारीफ की. ब्रेसवेल ने कहा, 'भारत में डेब्यू करना आसान नहीं होता. उसने कठिन ओवर फेंके और बहुत अच्छा प्रदर्शन किया.'