वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन को लेकर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं. टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन का जब ऐलान हुआ तो उसमें अर्शदीप सिंह को जगह नहीं दी गई. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. अर्शदीप की जगह तेज गेंदबाज के रूप में हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा को मौका दिया गया.
दरअसल, अर्शदीप को हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा के पक्ष में नजरअंदाज किया गया, जिन्होंने मोहम्मद सिराज के साथ भारत की तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी संभाली. सिराज ने इस मुकाबले के जरिए वनडे क्रिकेट में वापसी की, वह पिछले साल ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद से इस फॉर्मेट में नहीं खेले थे. जैसे ही भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, अर्शदीप की गैरमौजूदगी चर्चा का बड़ा विषय बन गई.
अर्शदीप का प्रदर्शन बेहतर फिर भी बाहर
आलोचना की सबसे बड़ी वजह हालिया प्रदर्शन रहा. अर्शदीप ने न्यूजीलैंड सीरीज से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई तीनों वनडे मैचों में हिस्सा लिया था और वह भारत के सबसे किफायती और भरोसेमंद तेज गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने 5.50 की इकोनॉमी से पांच विकेट लिए. इसके मुकाबले हर्षित राणा ने उसी सीरीज में चार विकेट लिए, लेकिन उनकी इकोनॉमी 6.39 रही, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने सात विकेट जरूर झटके, लेकिन 7.80 की ऊंची इकोनॉमी के साथ रन भी काफी खर्च किए.
अर्शदीप के पक्ष में उनका घरेलू फॉर्म भी मजबूत रहा. न्यूजीलैंड सीरीज से पहले उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिक्किम के खिलाफ पांच विकेट हॉल लेकर यह दिखाया कि 50 ओवर के प्रारूप में उनकी लय और नियंत्रण पूरी तरह बरकरार है.

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फैन्स ने पक्षपात का आरोप लगाया
फैंस ने इस फैसले को 'खुलेआम पक्षपात' करार दिया, एक ऐसा शब्द जो हाल के दिनों में भारत की वनडे टीम चयन को लेकर बार-बार सामने आ रहा है. इस फैसले को लेकर हेड कोच गौतम गंभीर की भी कड़ी आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया पर फैन्स अर्शदीप की जगह हर्षित राणा को तरजीह दिए जाने पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि राणा निचले क्रम में बल्लेबाजी का विकल्प देते हैं, लेकिन आलोचकों का मानना है कि अर्शदीप के आंकड़े और निरंतरता उन्हें ज्यादा मजबूत दावेदार बनाते हैं, खासकर उन परिस्थितियों में जहां नई गेंद से अनुशासन बेहद अहम होता है.
हाल के वर्षों में भारत के सबसे भरोसेमंद व्हाइट-बॉल तेज गेंदबाजों में शामिल रहने के बावजूद अर्शदीप की वनडे टीम में भूमिका अब भी स्पष्ट नहीं है. जैसे-जैसे गौतम गंभीर की चयन नीति पर बहस तेज होती जा रही है, अर्शदीप के भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ती जा रही है. 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन भारत की व्हाइट-बॉल योजनाओं में अर्शदीप की भूमिका को लेकर तस्वीर अब भी धुंधली बनी हुई है.
वडोदरा वनडे में भारत की प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज.
वडोदरा वनडे में न्यूजीलैंड की प्लेइंग-11: डेवोन कॉन्वे, हेनरी निकोल्स, विल यंग, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, मिचेल हे (विकेटकीपर), माइकल ब्रैसवेल (कप्तान), जकारी फाउलकेस, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जेमिसन और आदित्य अशोक.