आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड से हुआ. इस महामुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को सात विकेट से हराकर वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया. फाइनल मुकाबले में अर्चना देवी और टिटास साधू का जलवा देखने को मिला. दोनों ही खिलाड़ियों ने भारत के लिए शानदार बॉलिंग की.
दाएं हाथ की स्पिनर अर्चना देवी और फास्ट बॉलर टिटास साधू ने कमाल दिखाते हुए शुरुआती सात ओवरों में ही चार विकेट झटक लिए. टिटास साधू ने पहले ही ओवर में लिबर्टी हीप को आउट कर टीम को पहली सफलता दिलाई. फिर अर्चना देवी ने चौथे ओवर में पहले नियाम फियोना हॉलैंड को एक खूबसूरत गेंद पर बोल्ड किया.
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फिर दो गेंद बाद अर्चना ने इंग्लिश कप्तान ग्रेस स्क्रिवेन्स को भी जी. त्रिशा के हाथों कैच आउट करा दिया. बाद में टी. साधू ने सेरेन स्मेल को आउट कर भारतीय टीम को चौथी सफलता दिला दी. इन दोनों गेंदबाजों के आगे इंग्लैंड की टीम ने 22 रन पर ही चार विकेट खो दिए थे जिससे वह अंत तक उबर नहीं पाई. नतीजतन पूरी इंग्लिश टीम 17.1 ओवरों में 68 रन पर सिमट गई. टिटास साधू, अर्चना देवी और पार्श्वी चोपड़ा ने दो-दो विकेट चटकाए. जवाब में भारत ने 14 ओवरों में ही मैच जीत लिया.
Innings Break!
— BCCI Women (@BCCIWomen)
Stupendous bowling effort from as England are all out for 68 runs in 17.1 overs in the Finals of the 💪🙌 chase coming up shortly. Stay tuned!
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अर्चना का मुश्किलों भरा रहा सफर
उन्नाव में पैदा हुईं अर्चना देवी का क्रिकेटिंग सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है. अर्चना ने काफी कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था. वहीं साल 2017 में उनके छोटे भाई की सर्पदंश (snake bite) से मौत हो गई. अर्चना के परिवार में केवल एक कमाऊ सदस्य रह गया था, जो उनकी मां थी. वह दूसरों के खेतों में काम करके अपनी बेटी का भरण-पोषण करती थीं.
देखें तो अर्चना देवी के क्रिकेट खेलने के सपने को सरकारी स्कूल की शिक्षिका पूनम गुप्ता ने उड़ान दी. पूनम खुद भी क्रिकेट कोचिंग ले चुकी थीं, ऐसे में उन्होंने अर्चना में मौजूद क्रिकेटिंग टैलेंट को पहचान लिया. पूनम गुप्ता अर्चना को अपने कोच कपिल देव पांडेय के पास लेकर गईं. फिर क्या था अर्चना की क्रिकेटिंग जर्नी शुरू हो गई.
टिटास ने नई गेंद से किया है कमाल
टिटास साधू की बात करें तो वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. टिटास से आने वाले सालों में भारतीय टीम का भविष्य कहा जा रहा है. टिटास नई और पुरानी दोनों गेंदों से कहर बरपाने में महारत हासिल है. फाइनल मैच में भी टाइटस साधू ने अपने प्रदर्शन से फैन्स को मंत्रमुग्ध कर दिया.