साउथ अफ्रीका दौरे पर भारतीय टीम को तीन टेस्ट की सीरीज में 1-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा. इसका बड़ा कारण विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम का ओवर कॉन्फिडेंस कह सकते हैं. टीम में कोहली, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और रविचंद्रन अश्विन जैसे स्टार खिलाड़ी थे.
जबकि अफ्रीकी टीम में डीन एल्गर और टेम्बा बवुमा को अनुभवी मान सकते हैं. क्विंटन डिकॉक पहले टेस्ट के बाद ही संन्यास ले चुके थे. ऐसे में मेजबान अफ्रीकी टीम भारत के मुकाबले काफी यंग ब्रिगेड थी.
अपने स्टार खिलाड़ियों के दम पर ही भारतीय टीम ने तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मैच भी 113 रन से जीत लिया था. यह सेंचुरियन टेस्ट जीतने के बाद कोहली ब्रिगेड आत्ममुग्धता की ओर खिंच गई और उसका खामियाजा अगले टेस्ट यानी जोहानिसबर्ग में भुगतना पड़ा.
इस मैदान पर भारतीय टीम की पहली बार टेस्ट में हार हुई. साउथ अफ्रीका की यंग ब्रिगेड ने भारतीय टीम को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी. अब केपटाउन टेस्ट में भी भारतीय टीम को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा.
South Africa win! 🔥
— ICC (@ICC)
Bavuma and van der Dussen take them over the line!
A terrific victory for a young team – what a performance! 🙌
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... आखिरी टेस्ट में गलती सुधारने का मौका था
टीम के अति आत्मविश्वास को ऐसे भी समझा जा सकता है. चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को खराब फॉर्म के बावजूद तीनों टेस्ट में लगातार मौके दिए गए. एक पारी को छोड़कर दोनों सभी 5 पारियों में फ्लॉप रहे, जबकि श्रेयस अय्यर और हनुमा विहारी बेंच पर ही बैठे रहे.
तीसरे टेस्ट में विराट कोहली के पास बैटिंग में बदलाव कर गलती सुधारने और मैच जीतने का मौका था, लेकिन यहां भी वे ओवर कॉन्फिंडेंस में ही दिखे. पुरानी टीम के साथ कोहली उतरे और जब केपटाउन टेस्ट की दूसरी पारी में बल्लेबाजों से रन की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी पुजारा और रहाणे सस्ते में चलते बने.
साउथ अफ्रीका में इतिहास रचने का मौका गंवाया
भारतीय टीम के पास साउथ अफ्रीका में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का सुनहरा मौका था, लेकिन पहले टेस्ट में जीत से शुरुआत करने के बावजूद ओवर कॉन्फिंडेंस के चक्कर में आखिरी दो मैच गंवा दिए. इसी के साथ आखिरकार भारतीय टीम ने यह केपटाउन टेस्ट भी हारते हुए सीरीज 1-2 से गंवा दी. टीम इंडिया की साउथ अफ्रीका में यह 8वीं टेस्ट सीरीज रही, जिसमें से 7 में हार मिली, जबकि एक सीरीज ड्रॉ रही.