खेल को और लोकप्रिय करने और इसका प्रसार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने गुरुवार को अपने सभी 104 सदस्यों के टी-20 मैचों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता दे दी.
साथ ही आईसीसी की योजना टी-20 के इन सभी सदस्यों की वैश्विक रैंकिंग जारी करने की है. यह फैसला महिला एवं पुरुष क्रिकेट दोनों पर लागू होगा.
इस कदम का मकसद टी-20 प्रारूप को वैश्विक स्तर पर और प्रचलित करना है. ऐसे सामान्य मानक तय किए जाएंगे कि सदस्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना आसान रहे.
ICC ने जारी किया वर्ल्ड कप 2019 का शेड्यूल, जानें कब-कब खेले जाएंगे मुकाबले
आईसीसी के सभी एसोसिएट सदस्यों की महिला टीम को टी-20 दर्जा इसी साल एक जुलाई से मिलेगा. वहीं पुरुष टीमों को यह दर्जा 2020 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के क्वालीफिकेशन के कट-ऑफ की तरीखों के बाद एक जनवरी 2019 से मिलेगा.
104 सदस्यों की महिला और पुरुष टीमों की वैश्विक रैंकिंग क्रमश: अक्टूबर 2018 और मई 2019 से शुरू होगी. इस पूरी बैठक में आईसीसी की आचार संहित को लेकर गंभीर चर्चा हुई है. आईसीसी बोर्ड और सदस्यों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की इकाई ने खिलाड़ियों के व्यवहार के मुद्दे पर कड़ी प्रतिबद्धता दिखाई है.
इस बात पर सहमति बनी है कि बॉल टेंपरिंग सहित अन्य उल्लंघनों पर सख्त सजा होनी चाहिए. इनमें अभद्र व्यवहार, विकेट लेने के बाद गेंदबाज का व्यवहार और अंपायर के फैसले से असहमति जैसे मुद्दे शामिल हैं.
आईसीसी के सदस्यों ने 2019-2023 के भविष्य दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) को मंजूरी दे दी है, जिसमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अलावा 2021 में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के स्थान पर टी-20 वर्ल्ड कप आयोजित कराने का फैसला लिया गया है.
धोनी टी-20 में 5000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय कप्तान
एजेंसी के मुताबिक आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा, 'इस बैठक में लंबे समय को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं. एफटीपी पर सहमति सदस्यों की प्रतिबद्धता को बताती है. हम साथ ही नई आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे लीग-2019 और 2020 के आयोजन के लिए तैयार हैं.'
बोर्ड को साथ ही इस बैठक में घरेलू टी-20 लीग और खिलाड़ियों को रिलीज करने को लेकर नए नियमों के संबंध में प्रस्ताव भी मिले हैं. हालिया दौर में घरेलू टी-20 लीगों को लेकर घरेलू सदस्यों और आईसीसी को कई प्रस्ताव मिले हैं.
साथ ही सहयोगी सदस्यों के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मैचों में बनाए रखने की भी एक चुनौती है. इस लेकर बोर्ड ने एक कार्यकारी समूह बनाया है, जो इन मुद्दों पर सुझाव देगा.