इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) -2013 स्पॉट फिक्सिंग के कारण विवादों में था. बीसीसीआई ने इसके बाद तीन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर आजीवन बैन लगा दिया था. ये खिलाड़ी थे एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंडिला.
श्रीसंत सजा कम होने के बाद मैदान पर उतर चुके हैं. इस बीच, अंकित चव्हाण का दावा है कि बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने उनकी सजा को घटाकर 7 साल कर दिया है. हालांकि बीसीसीआई की ओर से उन्हें अब तक तक इस बारे में आधिकारिक पत्र नहीं मिला है.
अंकित चव्हाण ने 'क्रिकबज' से बात करते हुए कहा कि मैंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से इस मसले पर सपोर्ट करने के लिए कहा है. लोकपाल ने एक महीने पहले 3 मई को यह फैसला सुनाया. ऐसे में मेरे पर लगा बैन सितंबर 2020 में खत्म हो गया है.’
अंकित चव्हाण ने आगे कहा कि मैंने लोकपाल के आदेश के साथ बीसीसीआई को पत्र लिखा था, लेकिन उनकी ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है. मैंने एमसीए से मदद मांगी है, ताकि फिर से मैदान पर वापसी कर सकूं.
श्रीसंत पर भी लगा था बैन
बीसीसीआई ने एस श्रीसंत पर भी आजीवन बैन लगाया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी सजा को कम कर दिया गया था. श्रीसंत 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल थे.