ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम का एक चमकता हुआ अध्याय इस साल मार्च में खत्म होने जा रहा है. एलिसा हीली- वो नाम जो पिछले एक दशक से ऑस्ट्रेलिया की दबंग छवि का हिस्सा रहा. भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज पूरी होते ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हो जाएंगी.
35 साल की हीली पर्थ में होने वाले तीन वनडे और एकमात्र महिला टेस्ट में आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी करेंगी. दिलचस्प यह है कि वह भारत के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में नहीं दिखेंगी, क्योंकि इस साल ब्रिटेन में होने वाले टी20 विश्व कप को भी अलविदा कह चुकी हैं.
हीली का बयान बेहद साफ और ईमानदार था- 'भारत के खिलाफ यह सीरीज मेरे लिए आखिरी होगी. देश के लिए खेलने का जुनून अब भी जिंदा है, लेकिन वह तीखी प्रतिस्पर्धात्मक भावना जो मुझे आगे धकेलती आई- वह थोड़ी कम हुई है. यहीं से लगा कि अब रुकने का समय है.'
उन्होंने यह भी जोड़ा कि तैयारी की सीमित गुंजाइश को देखते हुए टी20 सीरीज में जगह न बनाना टीम के हित में है. हीली ने कहा. 'हालांकि घरेलू मैदान पर करियर खत्म करना और भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट की कप्तानी करना- यह मेरे लिए बेहद खास होगा.'
पिछले दस साल महिलाओं के क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की जो लगभग-एकछत्र सत्ता रही, उसमें हीली एक केंद्रीय किरदार रहीं. उनके दौर में टीम ने आठ विश्व खिताब उठाए- छह बार टी20 में और दो बार वनडे में.
आंकड़े बताते हैं कि उनका प्रभाव सिर्फ उपलब्धियों में नहीं, स्थिरता में भी था:
- 10 टेस्ट, 489 रन (औसत 30.56)
- 123 वनडे, 3563 रन (औसत 35.98, 7 शतक)
- 162 टी20I, 3054 रन (औसत 25.45, 1 शतक)
मिचेल स्टार्क की जीवनसाथी होने के नाते क्रिकेट उनके घर का हिस्सा भी रहा और संघर्ष भी. उन्होंने हंसते हुए कहा,'चोटों से जूझना पड़ा, खूब डाइव्स लगानी पड़ीं… अब लगता है यह सब थोड़ा भारी होने लगा है.'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग ने उनकी विदाई को एक युग का अंत बताया. उन्होंने कहा, 'एलिसा खेल की सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में शामिल हैं. मैदान पर और बाहर दोनों जगह प्रभावशाली रहीं. भारत के खिलाफ सीरीज में हम उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाएंगे.'