इस बार क्रिकेट विश्व कप का सबसे प्रबल दावेदार भारत को माना जा रहा है और कोहली टीम के अभी तक के प्रदर्शन से यह दावा सही भी साबित हो रहा है. बल्लेबाजी हो, गेंदबाजी हो या फील्डिंग, भारतीय क्रिकेटरों ने क्रिकेट के मैदान में अपनी धाक जमाई हुई है. हालांकि, कुछ ऐसे भी भारतीय खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने दूसरे देशों की तरफ से खेलकर अपनी प्रतिभा साबित की. यहां तक कि कई भारतीय मूल के क्रिकेटरों ने विदेशी टीमों की कप्तानी भी की है.
पिछले कई सालों में भारतीय मिट्टी पर जन्मे या भारतीय मूल के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरी टीमों की तरफ खेला है. इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने तो कामयाबी के झंडे गाड़ दिए लेकिन कुछ उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने में कामयाब नहीं हुए. चलिए जानते हैं उन 5 भारतीय मूल के खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने दूसरी टीमों की कप्तानी की.
आसिफ करीम (केन्या)
एकदिवसीय मैचों में केन्या टीम के सबसे लंबे समय तक कप्तान रहने वालों में से एक आसिफ करीम भारतीय मूल के ही हैं. फिलहाल, वह केन्या के मोमबासा में रहते हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1996 में पदार्पण करने के बाद वह केन्याई टीम के नियमित सदस्य रहे. उन्होंने 34 एकदिवसीय मैचों में अफ्रीकी देश का प्रतिनिधित्व किया.
आसिफ करीम (केन्या)
करीम केन्या की टीम में 1996 में शामिल हुए थे और 1999 के वर्ल्ड कप समेत करीब 21 मैचों में टीम की धुरी बने रहे. उनकी कप्तानी में टीम ने 6 मैच जीते और 21 मैच हारे. 1999 में करीम से कप्तानी लेकर पूर्व स्किपर मॉरिस ओडुम्बे को दे दी गई. हालांकि, आसिफ करीम ने केन्या की टीम के लिए खेलना जारी रखा.
करीम 1999 विश्व कप के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन 2003 विश्व कप में उन्हें फिर से केन्या की टीम में शामिल किया गया. 2003 विश्व कप में केन्याई टीम कोई टेस्ट मैच खेले बिना सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई थी. करीम ने वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से विरोधी टीम ऑस्ट्रेलिया के हौंसले पस्त कर दिए थे. करीम ने इसी विश्व कप में अपना आखिरी एकदिवसीय मैच भारत के खिलाफ खेला था जिसमें उनकी टीम हार गई थी. इसके बाद करीम ने संन्यास की घोषणा कर दी थी.
आशीष बगई (कनाडा)
नई दिल्ली में जन्मे विकेटकीपर और बल्लेबाज आशीष बगई अपने 10 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कनाडाई टीम का सबसे प्रमुख चेहरा रहे. उन्होंने कनाडा की तरफ से 62 ODI और 9 टी-20 मैच खेले. एकदिवसीय मैचों में उनका औसत 38 रहा वहीं टी-20 में उनका औसत 40 था.
आशीष बगई (कनाडा)
2007 से 2013 के बीच 6 सालों में बगई ने कनाडा की राष्ट्रीय टीम के लिए 27
एकदिवसीय मैच और चार टी-20 मैच खेले. आशीष ने 8 एकदिवसीय मैचों में बतौर
कप्तान सफलता हासिल की हालांकि वह अपनी टीम को एक ही टी-20 मैच जिता सके. आशीष बगई ने आखिरी सीरीज 2014 में ICC World Twenty 20 रही थी जिसमें उन्होंने क्वालिफायर राउंड में अपनी टीम की कप्तानी की थी.
रोहन कन्हाई (वेस्ट इंडीज)
वेस्ट इंडीज के दिग्गज खिलाड़ी रोहन विदेशी टीमों की अगुवाई करने वाले भारतीय मूल के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक हैं. कन्हाई अपने समय के बेहतरीन बल्लेबाज थे और उन्होंने 79 टेस्ट मैचों में 6000 से ज्यादा रन बनाए.
रोहन कन्हाई (वेस्ट इंडीज)
मास्टर बल्लेबाज ने 1972-74 के बीच वेस्टइंडीज टीम की 13 मैचों में कप्तानी
भी की. कप्तानी संभालते हुए रोहन कन्हाई ने अपनी टीम को 3 टेस्ट मैच जिताए
और 7 मैच ड्रा कराए.
कन्हाई ने बतौर कप्तान आखिरी मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला था.
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका)
दक्षिण अफ्रीका टीम के खिलाड़ी हाशिम अमला मूल रूप से गुजरात के एक मुस्लिम परिवार से हैं. वर्तमान के बेहतरीन बल्लेबाजों में हाशिम अमला भी एक हैं और उन्होंने हर फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया है.
हाशिम अमला (दक्षिण अफ्रीका)
हाशिम अमला ने टेस्ट और एकदिवसीय मैचों में कप्तानी भी की है और सफल भी रहे हैं. 14 टेस्ट मैचों में दक्षिण अफ्रीका ने 4 मैच जीते और 4 मैच ही हारे. अमला ने 9 एकदिवसीय मैचों और 2 टी-20 मैचों में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम का नेतृत्व किया.
नसीर हुसैन (इंग्लैंड)-इंग्लैंड का यह पूर्व क्रिकेटर भी भारत में ही जन्मा है. नसीर का एक बल्लेबाज के तौर पर शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर रहा है. चेन्नै में पैदा हुए नसीर को इंग्लैंड टीम में अपनी जगह बनाने के लिए जमकर मेहनत करनी पड़ी. जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया.
नसीर हुसैन (इंग्लैंड)-
नसीर हुसैन ने इंग्लैंड टीम की 45 टेस्ट मैचों और 56 एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की. उनके नेतृत्व में टीम ने 17 टेस्ट मैच जीते और 28 एकदिवसीय मैच में सफलता हासिल की. इसमें से विदेशी सरजमीं पर खेले गए मैच भी शामिल हैं.
नसीर हुसैन ने अपना आखिरी एकदिवसीय मैच 2003 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था.
गुरुवार को ही नसीर हुसैन का नाम ट्विटर पर चर्चा में आ गया था. उन्होंने
एक ट्वीट कर पाकिस्तानी प्रशंसकों से एक सवाल पूछा था कि भारत और इंग्लैंड
के मैच में पाकिस्तानी फैंस किसे सपोर्ट करेंगे. दरअसल, अगर भारत इंग्लैंड
को हरा देता है तो पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह आसान हो जाएगी.