मशहूर भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग की 2010 की किताब द ग्रैंड डिज़ाइन का एक पुराना कोट फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इसमें हॉकिंग ने कहा था कि ब्रह्मांड को बनाने के लिए भगवान की जरूरत नहीं है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) जैसे नियमों से ब्रह्मांड खुद-ब-खुद जीरो यानी कुछ नहीं से बन सकता है.
यह पोस्ट तेजी से लाइक्स और कमेंट्स बटोर रही है. कुछ लोग विज्ञान की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ भगवान पर सवाल उठा रहे हैं. इस बहस ने फिर से विज्ञान और धर्म के बीच सदियों पुरानी लड़ाई को जिंदा कर दिया है.
हॉकिंग ने ठीक-ठीक क्या कहा था?
हॉकिंग की किताब द ग्रैंड डिज़ाइन (2010) में लिखा है...
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क्योंकि गुरुत्वाकर्षण जैसा नियम है, इसलिए ब्रह्मांड खुद-ब-खुद कुछ नहीं से बन सकता है और बन जाएगा. स्वतः सृजन (स्पॉन्टेनियस क्रिएशन) ही वजह है कि कुछ नहीं के बजाय कुछ है. ब्रह्मांड है. हम हैं. ब्रह्मांड को शुरू करने के लिए नीली पटाखे की तीली जलाने और चलाने के लिए भगवान को बुलाने की जरूरत नहीं है.
हॉकिंग का मतलब था कि भौतिकी के नियम (फिजिक्स लॉज़) इतने शक्तिशाली हैं कि वे बिना किसी बाहरी मदद के ब्रह्मांड की शुरुआत कर सकते हैं. वे क्वांटम फिजिक्स और बिग बैंग थ्योरी की बात कर रहे थे, जहां 'कुछ नहीं' से भी कण पैदा हो सकते हैं.

सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है?
समर्थक कह रहे हैं: विज्ञान सबूतों पर चलता है. रिकी जरवेस जैसे एथीस्ट के पुराने क्लिप्स शेयर हो रहे हैं, जहां वे कहते हैं कि विज्ञान सवाल पूछता रहता है, जबकि धर्म पुरानी किताबों पर टिका है.
आलोचक पूछ रहे हैं: ठीक है, लेकिन गुरुत्वाकर्षण का नियम किसने बनाया? कई लोग मजाक उड़ा रहे हैं – चलो गुरुत्वाकर्षण हो जाए. या फिर तो मैं भी कहूं – गुरुत्वाकर्षण हो, मेरे बैंक में पैसे आ जाएं.
कुछ लोग हॉकिंग के एग्नॉस्टिक रुख की याद दिला रहे हैं: हॉकिंग खुद को एथीस्ट नहीं, बल्कि एग्नॉस्टिक (जो भगवान के होने-न-होने पर निश्चित नहीं) कहते थे. उन्होंने कभी भगवान को पूरी तरह नकारा नहीं, बस कहा कि ब्रह्मांड की व्याख्या के लिए उनकी जरूरत नहीं.
Gravity Isn’t a Force (Einstein) : ✍️
— Physics In History (@PhysInHistory) January 4, 2026
Gravity isn’t a force-it's the curvature of spacetime caused by mass and energy, as described by Einstein’s General Relativity. Massive objects like planets bend spacetime, and other objects follow these curves, creating what we perceive as… pic.twitter.com/tP2ZA1W8g1
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वैज्ञानिक पक्ष: हॉकिंग की थ्योरी क्या थी?
हॉकिंग और उनके सह-लेखक लियोनार्ड म्लोडिनोव ने किताब में समझाया...
यह विचार नया नहीं. पहले भी वैज्ञानिक जैसे लॉरेंस क्रॉस ने 'ए यूनिवर्स फ्रॉम नथिंग' किताब में कुछ ऐसा ही कहा था.
Stephen Hawking speaks against creationism ✍️
— Physics In History (@PhysInHistory) January 4, 2026
Because there is a law such as gravity, the universe can and will create itself from nothing. Spontaneous creation is the reason there is something rather than nothing, why the universe exists, why we exist. It is not necessary to… pic.twitter.com/M6w0FM9rAc
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धर्म और आस्था का पक्ष
धर्म मानने वाले कहते हैं...
बहस कभी खत्म नहीं होगी
हॉकिंग का यह बयान 15 साल पुराना है, लेकिन आज भी उतना ही विवादास्पद है. विज्ञान लगातार नए सबूत दे रहा है, लेकिन भगवान और आस्था के सवाल दर्शन और व्यक्तिगत विश्वास के हैं. सोशल मीडिया पर यह बहस दिखाती है कि लोग इन बड़े सवालों – हम कहां से आए, जीवन का मकसद क्या है – पर आज भी उतने ही उत्सुक हैं जितने सदियों पहले थे.
हॉकिंग खुद कहते थे कि ब्रह्मांड को समझना ही सबसे बड़ा रोमांच है. शायद यही बात दोनों पक्षों को जोड़ सकती है – सवाल पूछते रहो.