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नॉर्वे में 1700 साल पुराना तीर मिला, बर्फीले पहाड़ों पर इससे होता था रेंडियर का शिकार

नॉर्वे (Norway) के बर्फीले पहाड़ों पर एक प्राचीन तीर मिला है. यह अब तक बेहद सुरक्षित है. लोहे की तीर को लकड़ी के डंडे से बांधा गया है. तीर के पिछले हिस्से में कमान में फंसने लायक जगह बनी हुई है. इस तीर से नॉर्वे के आइसमैन रेंडियर का शिकार करते थे.

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1700 Years Old Arrow: नॉर्वे के बर्फीले पहाड़ों के पास मिला यह प्राचीन तीर. (फोटोः एस्पेन फिन्सटैड/सीक्रेटऑफदआइस) 1700 Years Old Arrow: नॉर्वे के बर्फीले पहाड़ों के पास मिला यह प्राचीन तीर. (फोटोः एस्पेन फिन्सटैड/सीक्रेटऑफदआइस)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीर का हर हिस्सा पूरी तरह से सुरक्षित है
  • पुरातत्वविद पता कर रहे इसके पंख का राज

नॉर्वे में एक लौह युग (Iron Age) का एक तीर मिला है. यह तीर पूरी तरह से सुरक्षित है. इसके ऐरोहेड यानी लोहे का नुकीला हिस्सा, सिन्यू रैपिंग यानी उसे बांधने वाला धागा और एयरोडायनेमिक पंख भी लगे मिले हैं. 1700 साल पुराना यह तीर फिलहाल स्टडी के लिए ग्लेशियल आर्कियोलॉजिस्ट्स पास मौजूद है. 

इटली के आल्प्स पहाड़ियों पर रहने वाले ओट्जी द आइसमैन (Ötzi the Iceman) 5300 साल पहले ही खत्म हो गए थे. ये लोग तीर के फ्लेचिंग्स यानी इसमें लगने वाले पंखों को संभालकर रखते थे. यह तीर 1700 साल पुराना है लेकिन यह इससे पुराना भी हो सकता है. फिलहाल उसकी जांच हो रही है. नॉर्वे के ग्लेशियर आर्कियोलॉजी प्रोग्राम को सह-निदेशक लार्स पिलो ने कहा कि हो सकता है ये ओट्जी द आइसमैन का तीर हो. 

लार्स पिलो ने कहा कि आइसमैन उस जमाने में इन तीरों से रेंडियर का शिकार करते थे. उनका मांस खाते थे और खाल का कपड़ा, चादर या ओढ़ने के लिए रजाई बना लेते थे. हालांकि ओट्जी इस तीर की उम्र से हजारों साल पहले मौजूद थे. इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि ये उनका तीर है. 

यह तीर 31.5 इंच लंबा है. यह दक्षिणी नॉर्वे के जोटनहीमन माउंटेन के पास 2019 में मिला था. तब से उसकी जांच चल रही थी. जिसके बारे में पुरातत्वविदों ने अब जाकर ट्विटर पर जानकारी बांटी गई है. लार्स ने कहा कि यह अब तक मिले सभी तीरों में से सबसे ज्यादा सुरक्षित हालत में है. इस लोहे के तीर को लकड़ी से बांधने वाले धागे के ऊपर लगाए गए चारकोल के अंश भी बचे हैं.  

लार्स ने कहा कि तीर की लकड़ी पाइन (Pine) की है. अब हम यह जांच कर रहे हैं कि इसमें लगा पंख किस पक्षी का है. ऐसे तीर डैनिश हथियारों (Danish Weapon) के जखीरे में उपयोग किए जाते थे. ये बात 300 से 600 एडी की है. उस समय बर्फीले पहाड़ों पर लोग रेंडियर और अन्य जानवरों की शिकार करने के लिए ऐसे तीरों का उपयोग करते थे. 

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