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साइंस न्यूज़

NASA ने मंगल की सतह पर उतारा हेलिकॉप्टर, 11 को भरेगा उड़ान

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने मंगल ग्रह की सतह पर हेलिकॉप्टर उतार दिया है. इस हेलिकॉप्टर को मार्स पर्सिवरेंस रोवर के पेट के नीचे कवर करके भेजा लाल ग्रह पर भेजा गया था. यह कंगारुओं के बच्चों की तरह रोवर के पेट में छिपा था. इसका नाम है- इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर (Ingenuity Mars Helicopter). कुछ दिन पहले इंजीन्यूटी ने मार्स की हवा का स्वाद चखा था. अब उसने वहां की सतह को भी छू लिया. यह हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह की सतह और वहां के वायुमंडल में रोटरक्राफ्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकता है कि नहीं. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर (Ingenuity Mars Helicopter) को रोवर ने जमीन से चार इंच ऊपर छोड़ा. सतह पर हेलिकॉप्टर के गिरने के बाद रोवर आगे बढ़ गया. 1.8 किलोग्राम के इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर को पर्सिवरेंस रोवर को अपने नीचे पहियों के ऊपर पेट में एक कवर के अंदर सुरक्षित रखा था. 21 मार्च को यह कवर हटाया गया था. NASA ने ट्विटर हैंडल पर लिखा था कि जल्द ही इस रोवर के पेट से उड़ने वाला पक्षी निकलेगा. यह नए रास्ते खोलेगा. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर (Ingenuity Mars Helicopter) के अंदर सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरी लगी है. इसके पंखों के ऊपर सोलर पैनल लगा है. जो जितना गर्म होगा उतना बैटरी को ताकत मिलेगी. साथ ही हेलिकॉप्टर के अंदर एक गर्मी बनी रहेगी ताकि वह मंगल ग्रह के बदलते तापमान को बर्दाश्त कर सके. मंगल पर दिन में इस समय 7.22 डिग्री सेल्सियस तापमान है. जो रात में घटकर माइनस 90 डिग्री सेल्सियस तक जाता है. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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ऐसा माना जा रहा है कि इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर (Ingenuity Mars Helicopter) 11 अप्रैल को अपनी पहली उड़ान भरेगा. जिसके डेटा धरती को एक दिन बाद यानी 12 अप्रैल को मिलेंगे. इस रोटरक्राफ्ट यानी हेलिकॉप्टर को बनाने में NASA ने 85 मिलियन डॉलर्स यानी 623 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं. इसके पंखे हर मिनट 2537 राउंड लगाते हैं. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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NASA का मानना है कि स्थितियां अनुकूल रहीं तो यह जेजेरो क्रेटर पर कई उड़ानें भरेगा. ये उड़ानें अगले 31 दिन तक होंगी. ये दिन मंगल ग्रह के मुताबिक होंगे. हर उड़ान 16.5 फीट से ज्यादा ऊंचाई की नहीं होगी. हेलिकॉप्टर एक बार में 300 फीट की दूरी तय करेगा. इसके बाद उसे लैंड कराकर दोबारा चार्ज करने के लिए छोड़ दिया जाएगा. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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NASA के वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी तक धरती के अलावा किसी भी दूसरे ग्रह पर रोटरक्राफ्ट या ड्रोन हेलिकॉप्टर नहीं भेजा गया है. यह पहली बार है जब इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह पर उड़ान भरेगा. अगर इसे उड़ान के समय सफलता हासिल करता है तो भविष्य में अन्य ग्रहों पर ऐसे ड्रोन या रोटरक्रॉफ्ट जैसे यान भेजे जा सकेंगे. (फोटोःNASA/Ingenuity)

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इस मिशन पर काम करने वाली टीम ने कहा कि Ingenuity की कुछ उड़ानें पूरी होने के बाद, पर्सिवरेंस रोवर अपने मुख्य उद्देश्य पर फोकस करेगा. यह मार्स पर प्राचीन जीवन के संकेतों का पता करेगा. पृथ्वी पर लौटने से पहले सैंपल जमा करेगा. (फोटोःNASA/Ingenuity)

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पर्सिवरेंस मार्स रोवर और इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर मंगल ग्रह पर कार्बन डाईऑक्साइड से ऑक्सीजन बनाने का काम करेंगे. मौसम का अध्ययन करेंगे. ताकि भविष्य में मंगल ग्रह पर जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स को आसानी हो. रोवर में लगे मार्स एनवायर्नमेंटल डायनेमिक्स एनालाइजर यह बताएगा कि मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने लायक स्थिति है या नहीं. इसमें तापमान, धूल, वायुदाब, धूल और रेडिएशन आदि का अध्ययन किया जाएगा. (फोटोःNASA/Ingenuity)

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भारतीय मूल की वनीजा रूपाणी (17) ने हेलिकॉप्टर को इंजीन्यूटी नाम दिया है. हिंदी में इसका मतलब है किसी व्यक्ति का आविष्कारी चरित्र. वनीजा अलबामा नार्थ पोर्ट में हाई स्कूल जूनियर हैं. मंगल हेलिकॉप्टर के नामकरण के लिए नासा ने 'नेम द रोवर' नाम से एक प्रतियोगिता आयोजित की थी, जिसमें 28,000 प्रतियोगी शामिल हुए थे. इसमें वनीजा की ओर से सुझाए गए नाम को फाइनल किया गया. (फोटोःNASA/Ingenuity)

NASA Mars Helicopter Ingenuity
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नासा ने बताया कि मंगल के वातावरण में यह छोटा हेलिकॉप्टर सतह से 10 फीट ऊंचा उठकर एक बार में 6 फीट तक आगे जाएगा. आपको बता दें कि पिछले 11 दिन में दो देशों के मिशन मंगल पर जा चुके हैं. अब अमेरिका अपना मिशन भेजने वाला है. 19 जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात ने मिशन होप भेजा था. 23 जुलाई को चीन ने तियानवेन-1 मार्स मिशन भेजा था. (फोटोःNASA/Ingenuity)