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साइंस न्यूज़

क्या ट्रू कॉलर को टक्कर दे सकता है स्वदेशी ऐप BharatCaller?

BharatCaller App
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कॉलर आईडी ऐप ट्रूकॉलर (Truecaller) को टक्कर देने के लिए भारतीय कॉलर आईडी ऐप लॉन्च हो गया है. इस स्वदेशी कॉलर आईडी का नाम है भारतकॉलर (BharatCaller). इसे बनाने वाले इंजीनियरों का दावा है कि यह कॉलर आईडी विदेशी और अन्य कॉलर आईडी की तरह आपके कॉल लॉग्स, कॉन्टैक्ट्स या संदेशों को अपने सर्वर पर अपलोड नहीं करता. न ही इसके कर्मचारियों के पास आपके फोन नंबर्स का डेटाबेस एक्सेस करने का अधिकार है. 

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भारतकॉलर (BharatCaller) को बनाने वाले इंजीनियर और IIM बैंगलोर के पूर्व छात्र प्रज्जवल सिन्हा ने बताया कि यह ऐप देश में ट्रूकॉलर का विकल्प बन सकता है. यह एकदम सुरक्षित है. आपके कॉल रिकॉर्ड्स, मैसेजेस या कॉन्टैक्ट्स का डेटा इसे बनाने वाली एंटरप्रेन्योर कंपनी किकहेड सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड अपने पास नहीं रखता. इस कंपनी के इंजीनियर्स बेंगलुरु और नोएडा में काम करते हैं. यह ऐप प्लेस्टोर और IOS पर मौजूद है. इसे कोई भी मुफ्त में डाउनलोड कर सकता है. अभी तक इस ऐप को 6000 बार डाउनलोड किया जा चुका है. 

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प्रज्जवल ने बताया कि भारतकॉलर (BharatCaller) कभी भी कॉल लॉग्स और यूजर कॉन्टैक्ट्स को अपने सर्वर पर भी अपलोड नहीं करता ताकि यूजर की निजता का अधिकार न छिने. इस ऐप के सारे डेटा एनक्रिप्टेड फॉर्मैट्स में स्टोर किए जाते हैं. इसे पूरी तरह से भारत में बनाया गया है. इसका कोई सर्वर देश के बाहर नहीं है. न ही भारत के बाहर से कोई इसका डेटा एक्सेस कर सकता है. यह यूजर्स के लिए अत्यधिक सुरक्षित है. 

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प्रज्जवल सिन्हा ने बताया कि इसे बनाने के पीछे सबसे बड़ा मकसद था भारतीय कॉलर आईडी ऐप लाना. क्योंकि कुछ समय पहले भारतीय सेना ने ट्रूकॉलर (Truecaller) को प्रतिबंधित कर दिया था. क्योंकि इसके स्पाईवेयर होने की आशंका थी. हमारी टीम को लगा कि इस समय कॉलर आईडी के मामले में गैर-भारतीय ऐप काफी ज्यादा हैं. कोई भी ऐसा भारतीय कॉलर आईडी ऐप नहीं है, जो ट्रूकॉलर की तुलना में आधा भी सफल हो या उतने अच्छे फीचर्स हों. इसके बाद प्रज्जवल और उनके मित्र कुणाल पसरीचा (फोटो में बाएं से) ने भारतकॉलर (BharatCaller) बनाने का फैसला किया. 

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कॉलर आईडी कैसे काम करता है उसपर दोनों ने तीन महीने रिसर्च किया. इसके बाद दिसंबर 2020 में भारतकॉलर (BharatCaller) को बनाना शुरु किया. इसे बनाने में छह महीने का समय लग गया. इसके बाद इसके परीक्षण किए गए, जो कि काफी सफल रहे. पहले वर्जन को 10 मिलियन यूजर्स (1 करोड़) के उपयोग के लायक बनाया गया है. भारतकॉलर (BharatCaller) को 15 अगस्त 2021 को आम जनता के लिए लॉन्च किया गया है. 

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प्रज्जवल ने बताया कि भारतकॉलर (BharatCaller) को पूरी तरह से ट्रूकॉलर जैसा बनने में एक महीने का समय लगेगा. इसमें लगातार अपडेट किए जा रहे हैं. कॉलरआईडी से संबंधित AI आधारित एल्गोरिदम को सुधारा जा रहा है. साथ ही इसे कई भाषाओं में लॉन्च किया गया है. ताकि भारतीय नागरिक अपनी-अपनी भाषा में इस कॉलर आईडी का उपयोग कर सकें. 

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प्रज्जवल सिन्हा ने बताया कि ट्रूकॉलर को टक्कर देने वाली अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हैं - Whoscall (Taiwan), Hiya (USA), Showcaller (Taiwan) और Mr. Number (USA). लेकिन एक भी भारतीय कॉलर आईडी कंपनी ऐसी नहीं है जो इस श्रेणी में खड़ी हो सके. प्रज्जवल और कुणाल इससे पहले दुनिया की बेहतरीन सॉफ्टवेयर कंपनियों में काम कर चुके हैं. 

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प्रज्जवल और उनकी टीम को नेशनल स्टार्टअप अवॉर्ड 2020 से सम्मानित भी किया गया है. प्रज्जवल और कुणाल की कंपनी किकहेड सॉफ्टवेयर ने यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप कॉन्फ्रेंस VivaTech 2021 में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संबोधित किया था. प्रज्जवल ने बताया कि भारतकॉलर (BharatCaller) ऐप आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का सबसे बेहतरीन उदाहरण बन सकता है.