Hanuman Jayanti 2025 Premanand Maharaj: इस साल हनुमान जयंती का त्योहार 12 फरवरी दिन शनिवार को मनाया जाएगा. इस दिन बजरंगबली के भक्त व्रत-उपवास रखते हैं. पूरे विधि-विधान के साथ हनुमान की पूजा करते हैं. उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाते हैं. हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा का महत्व बहुत ज्यादा है. इस दिन संकटों से छुटकारे के लिए लोग कई प्रकार के उपाय भी करते हैं. कहते हैं कि हनुमान का नाम मात्र लेने से हर प्रकार का भय दूर हो जाता है. इसलिए भक्त उन्हें अलग-अलग नाम से भी पुकारते हैं. कोई उन्हें बजरंगबली, मारुति, अंजनीसुत कहता है तो कोई पवनपुत्र, संकटमोचन, केसरीनंदन, महावीर आदि नामों पुकारता है.
वैसे तो हनुमान जी की पूजा कोई भी कर सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए बजरंगबली की पूजा के कुछ खास नियम होते हैं. इन नियमों के तहत ही महिलाओं द्वारा महावीर बजरंगबली की प्रतिमा को छूना वर्जित है. आखिर ऐसा क्यों? चलिए जानते हैं. वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है.
क्यों महिलाएं नहीं छूती हनुमान जी की प्रतिमा?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार, भगवान राम के प्रिय भक्त हनुमान जी ब्रह्मचारी थे और उन्होंने जीवन भर इस नियम का पालन किया था. उन्होंने हर स्त्री को माता के समान माना था. इसलिए महिलाएं न तो उनकी प्रतिमा को स्पर्श करती हैं. और न ही उनके पैरों को छूती हैं. अब बात सिर्फ मान्यताओं की हों तो हमें इसे मान लेना चाहिए. हालांकि माहिलाएं चाहें तो वो हनुमान जी की पूजा कर सकती है.
प्रेमानंद महाराज ने बताया कि महिलाएं हनुमान जी को प्रसाद का भोग लगा सकती हैं. उनकी आरती और मंत्रों का जाप भी कर सकती हैं. उनका मन ही मन स्मरण कर सकती हैं. लेकिन प्रतिमा को स्पर्श करने से बचना चाहिए. ऐसे ही कुछ नियमों को ध्यान में रखते हुए कोई भी महिला इस हनुमान जयंती पर पूरे विधि विधान के साथ बजरंगबली की पूजा कर सकती है.