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Roti Niyam: रोटी बनाते वक्त ये 1 भूल ले आएगी सड़क पर! आज ही सुधारें आदत

Roti Niyam: रसोई घर का वह कोना है जहां से पूरे परिवार की सेहत और सौभाग्य जुड़ा होता है. अक्सर हम अनजाने में रोटियां बनाते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिन्हें वास्तु शास्त्र में बेहद अशुभ माना गया है.

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अक्सर महिलाएं अनजाने में रोटी बनाते वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो घर की सुख-समृद्धि को नजर लगा सकती हैं.  
अक्सर महिलाएं अनजाने में रोटी बनाते वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो घर की सुख-समृद्धि को नजर लगा सकती हैं.  

Roti Niyam:  किचन को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की सेहत और खुशहाली तय होती है. हम अपनी दिनचर्या में रसोई के काम तो बखूबी निपटाते हैं, लेकिन अक्सर महिलाएं अनजाने में रोटी बनाते वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो घर की सुख-समृद्धि को नजर लगा सकती हैं.  वास्तु शास्त्र और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, कछ छोटी सी चूक भविष्य में बड़े आर्थिक और मानसिक संकट का कारण बन सकती है. जानते हैं रसोई में रोटियां बनाते वक्त कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए.


क्यों नहीं गिननी चाहिए रोटियां?
धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से रोटियों की गिनती करना वर्जित माना गया है. इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण और मान्यताएं छिपी हैं:

अन्नपूर्णा का अनादर: अन्न को देवता माना गया है. जब हम रोटियां गिनकर बनाते हैं, तो यह मां अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है, जिससे घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है.

ग्रहों पर प्रभाव: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोटी का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से होता है. रोटियों की गिनती करना इन ग्रहों की स्थिति को प्रभावित कर सकता है, जिससे परिवार में क्लेश बढ़ सकता है.

बरकत में कमी: ऐसी मान्यता है कि जिस घर में रोटियां गिनकर बनाई जाती हैं, वहां कभी भी संचित धन में वृद्धि नहीं होती, ऐसे घर में आर्थिक तंगी बनी रहती है.

रसोई से जुड़े अन्य जरूरी नियम जिनका पालन है आवश्यक
अक्सर हम अनजाने में कुछ अन्य गलतियां भी करते हैं, जिन्हें सुधारना बेहद जरूरी है:

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थाली में 3 रोटियां न रखें: कभी भी किसी की थाली में एक साथ 3 रोटियां न परोसें. पुरानी मान्यताओं के अनुसार, 3 रोटियां मृतक के भोग के लिए रखी जाती हैं. जीवित व्यक्ति को हमेशा 1, 2 या 4 रोटियां परोसना ही शुभ होता है.

पहली और आखिरी रोटी का नियम: हिंदू धर्म में पहली रोटी हमेशा गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालने की परंपरा है. ऐसा करने से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है.

मेहमान का सत्कार: घर आए मेहमान या घर के सदस्य से कभी यह पूछकर रोटी न सेकें कि आप कितनी रोटियां खाएंगे?. खिलाते समय रोटियां गिनना खिलाने वाले और खाने वाले दोनों के लिए अशुभ और अपमानजनक माना जाता है.

बासी आटे का परहेज: कई लोग रात का बचा आटा सुबह इस्तेमाल करते हैं. वास्तु के अनुसार बासी आटा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है.

बर्तन खाली न रखें: रोटी बनाने के बाद तवे को कभी भी ऐसे ही खाली या गंदा न छोड़ें. उसे साफ करके और उचित स्थान पर रखें.

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