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बृहस्पतिवार व्रत का महत्व क्या है, कैसे मिलता है संतान-विवाह का वरदान

बृहस्पति देव की कृपा से संतान और विवाह की समस्याएं दूर हो सकती हैं.

बृहस्पतिवार के व्रत से श्री हरि और बृहस्पति ग्रह दोनों की कृपा मिल सकती है. बृहस्पतिवार के व्रत से श्री हरि और बृहस्पति ग्रह दोनों की कृपा मिल सकती है.

हर दिन का सम्बन्ध एक ग्रह से होता है. उस दिन उस ग्रह की पूजा करके और उपवास रखकर हम उस ग्रह को मजबूत कर सकते हैं. बृहस्पतिवार के व्रत से श्री हरि और बृहस्पति ग्रह दोनों की कृपा मिल सकती है. श्री हरि की कृपा से संपत्ति और सम्पन्नता दोनों मिल सकती है. बृहस्पति देव की कृपा से संतान और विवाह की समस्याएं दूर हो सकती हैं. यह व्रत हर प्रकार से सुख, शान्ति और समृद्धि देता है.

किस के बृहस्पतिवार व्रत रखना लाभकारी होगा?

- जिनकी कुंडलियों में बृहस्पति कमजोर हो

- जिनका विवाह न हो पा रहा हो या वैवाहिक जीवन ख़राब हो

- जिनको संतान सम्बन्धी कोई भी समस्या हो

- जिनको पेट या मोटापे की कोई समस्या हो

- जिनको अपने आध्यात्मिक पक्ष को मजबूत करना हो

कैसे रखें बृहस्पतिवार व्रत?

- प्रातःकाल स्नान करके व्रत का संकल्प लें

- सूर्य को हल्दी मिलकर जल अर्पित करें

- इसके बाद केले के पौधे में जल अर्पित करें

- बृहस्पति के मन्त्रों का जाप करें

- चाहें तो बृहस्पति व्रत कथा भी कह और सुन सकते हैं

- दिन में केवल जल और फल पर उपवास रखें

- संध्याकाळ को पुनः मन्त्र जाप करें

संपत्ति और सम्पन्नता के लिए क्या करें?

- बृहस्पतिवार का व्रत रखें

- विष्णु जी को पीले पुष्प अर्पित करें

- इसके बाद "विष्णु सहस्त्रनाम" का पाठ करें

- या गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें

विवाह और संतान के लिए क्या करें?

- बृहस्पतिवार का व्रत रखें

- प्रातः सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें

- इसके बाद हल्दी की माला से बृहस्पति के मंत्र का जाप करें

- मंत्र होगा - "ॐ बृं बृहस्पतये नमः"

- इस दिन सूर्यास्त के पहले ही पीला भोजन कर लेना उत्तम होता है.

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