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देवउठनी एकादशी 2017: 4 महीने बाद फिर शुरू होंगे शादी, जानिए क्या हैं शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी या फिर देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. देवशयनी एकादशी से चार माह के लिए भगवान विष्णु क्षीर सागर में सोने चले जाते हैं. इसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन वह फिर जाग्रत हो जाते हैं. इस तिथि से ही सारे शुभ काम जैसे, विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य होने शुरू हो जाते हैं.

शादी के शुभ मुहूर्त शादी के शुभ मुहूर्त

देवउठनी एकादशी को हरि प्रबोधिनी एकादशी या फिर देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. देवशयनी एकादशी से चार माह के लिए भगवान विष्णु क्षीर सागर में सोने चले जाते हैं. इसके बाद देवउठनी एकादशी के दिन वह फिर जाग्रत हो जाते हैं. इस तिथि से ही सारे शुभ काम जैसे, विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य होने शुरू हो जाते हैं.

दीपावली के बाद आने वाली एकादशी को पूरे चार महीने बाद भगवान विष्णु जागते हैं इसीलिए इसे देवोत्थान एकादशी कहते हैं. जिन चार महीनों में श्रीहरि सोते हैं उन महीनों में विवाह और उपनयन जैसे कोई भी मंगल कर्म नहीं किए जाते हैं. देवोत्थान एकादशी को तुलसी विवाह भी होता है और इसी के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है. देवउठनी एकादशी के बाद सभी तरह के शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार देव जागने के 18 दिन बाद भी कोई वैवाहिक और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं है. जानिए, विवाह के शुभ मुहुर्त:

साल 2017 में विवाह के शुभ मुहूर्त

नवंबर में 11,12, 13, 14, 19, 23, 24, 25, 28, 29, 30 तारीख को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं

दिसंबर में 1, 3, 4, 9, 10, 11 तारीख को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं.

साल 2018 में विवाह के शुभ मुहूर्त

फरवरी में 6,18, 19, 20, 21 को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं.

मार्च में  2, 3, 5, 6, 7, 8,12 को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं.

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