सदियों से मनुष्य अपने भविष्य के बारे में जानने को उत्सुक रहा है. उसने स्वयं को संतुष्ट करने के लिए तथा भविष्य की घटनाओं के बारें में पता लगाने के लिए फलित ज्योतिष के आधार पर विभिन्न शाखाओं का निर्माण किया जैसे ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्र, और अंक ज्योतिष ज्ञान. हस्त रेखा ज्ञान, विज्ञान की एक प्राचीन शाखा है. जो हाथों की रेखाओं के
आधार पर व्यक्ति के चरित्र एवं उसके भविष्य का आकलन करती है.
इसका अभ्यास किसी भी संस्कृति, क्षेत्र और धर्म तक सीमित नहीं है. यह दुनिया भर में विविध सांस्कृतिक विविधताओं के साथ पाया जाता है. हाथ की रेखाओं से ना केवल मनुष्य के चरित्र और स्वभाव के बारे में पता चलता है बल्कि मनुष्य के भविष्य को लेकर भी कई बातें पता चलती हैं.
अपनी जिंदगी के तमाम पहलुओं के बारे में हस्त रेखा विज्ञान से बहुत सी
जानकारियां मिलती हैं. ऐसा माना जाता है कि हस्तरेखा शास्त्र का भारत में
जन्म हुआ और यहां से यह विद्या चीन, तिब्बत, मिस्त्र और ईरान और यूरोप
पहुंची.
ग्रीक ज्योतिष-
ग्रीस के विद्वान एनेक्सागोरस ने अपने समय में हस्तरेखा विज्ञान का गहन अध्ययन किया और साधुओं-संतों के साथ अपने ज्ञान को साझा किया.
महान दार्शनिक अरस्तू ने इस विद्या से सिकंदर महान को अवगत कराया. कहा जाता है कि सिकंदर को हस्तरेखा विज्ञान में काफी दिलचस्पी हुई और उन्होंने अपने अधिकारियों के चरित्र का मूल्यांकन उनकी हस्तरेखा देखकर करना शुरू कर दिया था.
हालांकि इस बात का स्पष्ट प्रमाण मौजूद नहीं है लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि सिकंदर ने अपने हाथ की रेखाओं का गहन अध्ययन किया था और उसी के हिसाब से अपनी जिंदगी की रणनीतियां तैयार की थीं.
सिंकदर के हाथ में जो रेखाएं और निशान थे, वे आज तक किसी की हथेली पर नहीं पाए गए.
हथेली पर अक्षर x का मतलब-
मिस्त्र के विद्वानों का मानना है कि सिंकदर की हथेलियों पर यह यूनिक निशान था जो दुनिया के बहुत कम लोगों की हथेलियों पर पाया जाता है. यह निशान स्पष्ट और दोनों रेखाओं के बीच में होना चाहिए.
एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया की कुल आबादी के केवल 3 % लोगों की हथेलियों पर ही ऐसा निशान पाया जाता है.
रिसर्च स्टडी-
इस दावे की सच्चाई पता लगाने के लिए मास्को की एसटीआई यूनिवर्सिटी ने एक रिसर्च करवाया जिसमें हथेली पर बने अक्षर X और इससे उनके भाग्य के संबंध का पता लगाने की कोशिश की गई.
यूनिवर्सिटी ने करीब 20 लाख लोगों पर यह स्टडी कराई और डेटा इकठ्ठा किए. इस
रिसर्च में यह निष्कर्ष निकाला गया कि जिन लोगों के हाथ पर यह क्रॉस का
निशान था, वे या तो महान नेता थे या फिर समाज में काफी प्रभावशाली
शख्सियतें. ऐसे लोगों का व्यक्तित्व करिश्माई होता है.
सिकंदर महान के अलावा दुनिया के कई और महान नेताओं के हाथ में भी यह निशान था. अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के हाथ पर भी यह निशान था.
अगर वर्तमान की बात करें तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाथ में भी क्रॉस का निशान है. इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस निशान वाले लोग कितने प्रभावशाली और भाग्यशाली होते हैं.
जिन लोगों की दोनों हथेलियों पर ऐसा निशान पाया जाता है, उन्हें इस दुनिया से गुजर जाने के बाद भी सदियों तक याद किया जाता है. वहीं जिन लोगों के केवल एक हथेली पर ऐसा निशान होता है, उन्हें भी जिंदगी में हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है और वे काफी प्रसिद्धि हासिल करते हैं.
कैसा होता है स्वभाव-
ऐसे लोगों की छठीं ज्ञानेन्द्रिय बहुत काम करती हैं. ये किसी भी आने वाले खतरे, धोखे और विश्वासघात को भांप लेते हैं.
अगर आप इनसे झूठ बोलने की कोशिश करेंगे या फिर इन्हें धोखा देना चाहेंगे तो
फिर इनके व्यक्तित्व का खतरनाक पहलू देखने को मिलेगा. भले ही ये आपको माफ
कर दें लेकिन वे उस बात को कभी भूल नहीं पाएंगे.
इनका भाग्य इतना साथ देता
है कि इन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. ये हर काम में सफल होते हैं और दूसरों की ईर्ष्या से इन्हें कोई हानि नहीं हो पाती है.
ऐसे लोग बहुत ही बुद्धिमान, संवेदनशील और तेज याददाश्त वाले होते हैं. ये
कुछ भी बहुत जल्दी सीख सकते हैं और अपनी रणनीतियों को प्रभावी रूप देने में
बिल्कुल पीछे नहीं हटते हैं.