हम रत्न अपने भाग्य को बढ़ाने के लिए, परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए धारण करते हैं. रत्न तभी अच्छे से काम करते हैं, जब हम उन्हें पहनते समय पूरी सावधानी बरतें.
जी हां, सबसे पहले आपको देखना है कि कौन सा रत्न आपका धारण करना चाहिए और कौन सा रत्न नहीं धारण करना चाहिए. ज्योतिषी प्रवीण मिश्र के अनुसार हर व्यक्ति को अपने विकास के लिए जीवन में उन्नति के लिए लग्न, भाग्य स्थान यानी नवे भाव का रत्न और पंचम स्थान का रत्न धारण करना चाहिए.
यानी लग्नेश, पंचमेश और भाग्येश की स्थिति भी देख लें. वो शुभ स्थानों पर बैठे हों तो रत्न आपको बहुत अच्छा रिजर्ल्ट देंगे.
आपके जीवन में खुशहाली बढ़ेगी, करियर में आपको सफलता मिलेगी. शादी में आ रही बाधाएं दूर होंगी. बीमारियों की वजह से होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा. बनते-बनते रुकने वाले काम तेजी से पूरे होंगे. हर तरफ से लाभ ही लाभ होगा. रत्न पहनने से पहले इन बातों का खास रखें ख्याल