Vastu Tips: आज हर कोई ऐसा घर चाहता है, जिसमें बड़ी और खुली बालकनी हो. बालकनी घर में एक खास कॉर्नर बनाती है, जहां आप आराम कर सकते हैं, किताब पढ़ सकते हैं या सुबह की ताजी हवा का आनंद ले सकते हैं. इसे सही तरीके से सजाना और वास्तु नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. वास्तु और एस्ट्रोलॉजी एक्सपर्ट के अनुसार, बालकनी के सही सजावट और दिशा से आपके घर में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है.
बालकनी की दिशा चुनना
घर खरीदते समय या बालकनी बनवाते समय उसकी दिशा पर ध्यान दें. वास्तु के अनुसार, पूर्व या उत्तर दिशा बालकनी के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है. इन दिशाओं से सूर्य की सकारात्मक किरणें और ताजी हवा घर में आती हैं. यदि आपकी बालकनी इन दिशाओं में है, तो इसे हमेशा साफ-सुथरी और खुली रखें. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. इससे वातावरण हल्का और ताजगी भरा लगता है.
पौधों का सही स्थान
बालकनी में पौधे न केवल सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करते हैं. तुलसी, मनी प्लांट और छोटे सजावटी पौधे बालकनी की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. कोशिश करें कि पौधे बहुत ऊंचाई वाले न हों और उन्हें सही जगह पर रखें. इससे न केवल घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी, बल्कि मन की शांति भी बनी रहती है.
बालकनी के रंगों का चयन
बालकनी की दीवारों और फर्नीचर के लिए हल्के रंग चुनें. जैसे- सफेद, क्रीम, हल्का नीला या पीला. ये रंग रोशनी को बढ़ाते हैं और जगह को पॉजिटिव ऊर्जा से भर देते हैं. वहीं, गहरे और बहुत चमकीले रंगों से बचें, क्योंकि ये नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित कर सकते हैं.
वास्तु के अनुसार बालकनी में गंदगी या टूटे-फूटे सामान का होना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. इसलिए बालकनी को हमेशा साफ-सुथरा रखें. वहां अनावश्यक सामान जमा न होने दें. साथ ही बालकनी में प्राकृतिक रोशनी और हल्की पीली सफेद लाइटिंग का इस्तेमाल करें. शाम के समय हल्की रोशनी रखने से वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है. अगर संभव हो तो शाम के समय दीपक या सुगंधित अगरबत्ती जलाना भी शुभ माना जाता है, इससे घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.