14 अप्रैल का दिन सूर्य की चाल के लिहाज से बड़ा खास रहने वाला है. इस दिन सूर्य राशि और नक्षत्र परिवर्तन दोनों एकसाथ करेंगे. सूर्य मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि और केतु के स्वामित्व वाले अश्विनी नक्षत्र में गोचर करेंगे. ज्योतिष में मंगल और केतु दोनों को अग्नि तत्व और आक्रामकता का कारक माना गया है. ज्योतिषविदों का कहना है कि मेष और केतु के घर में प्रवेश करने के बाद सूर्य जहां कुछ राशियों का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे तो कुछ राशियों को नुकसान भी करवाएंगे. आइए जानते हैं.
कन्या राशि
मंगल-केतु के घर में सूर्य का प्रवेश कन्या राशि वालों के लिए अनुकूल नहीं दिख रही है. इस दौरान करियर से जुड़े फैसलों में जोखिम लेने से बचें. यदि नौकरी बदलने का मन बना रहे हैं तो थोड़ा रुक जाएं. करीबी रिश्तों में तनाव की स्थिति बन सकती है. जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकता है. सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा. हर रोज सुबह "ॐ सूर्याय नमः" या "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जाप करें.
तुला राशि
यह दुर्लभ संयोग तुला राशि वालों को भी कष्ट दे सकता है. सूर्य जिस तरह मेष राशि में उच्च के माने जाते हैं. उसी तरह तुला राशि में नीचस्थ यानी कमजोर माने जाते हैं. मंगल की राशि और केतु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश तुला राशि वालों के जीवन में संघर्षों को बढ़ाएगा. इस दौरान आप आलस और कार्यों को टालने जैसे निर्णय ले सकते हैं, जो आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. नकारात्मक सोच से बचें और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें.
मकर राशि
मंगल-केतु के घर में सूर्य के प्रवेश से मकर राशि के जातकों को भी सावधान रहना होगा. नौकरी-व्यापार में अचानक बड़े बदलाव आ सकते हैं. काम का बोझ बढ़ने से तनाव महसूस हो सकता है. नकारात्मक विचार और मानसिक चिंता आप पर हावी रहेगी. सेहत के मामले में सावधानी बरतना जरूरी है. चोट-दुर्घटना से बचाव पर ध्यान देना होगा. सूर्य देव के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभ देगा.