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Ardha Kendra Yog: शनि -बुद्ध बनाएंगे अद्भुत अर्धकेन्द्र योग, तीन राशियों को खूब होगा धन लाभ

Ardha Kendra Yog: अर्धकेंद्र योग वैदिक ज्योतिष में एक दुर्लभ और शक्तिशाली योग है. यह तब बनता है जब दो ग्रह एक दूसरे से 45° के कोण पर (क्विन्क्स कोण) पर स्थित होते हैं. इसे “सेमी-स्क्वायर” भी कहते हैं.

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अर्धकेंद्र योग(Photo: Pixabay)
अर्धकेंद्र योग(Photo: Pixabay)

Ardha Kendra Yog : वैदिक ज्योतिष में जब कर्म के कारक शनि और बुद्धि, व्यापार व संवाद के स्वामी बुध एक विशेष कोणीय स्थिति बनाते हैं, तो उसका प्रभाव साधारण नहीं होता. ऐसा ही एक दुर्लभ संयोग 28 जनवरी 2026 को बनने जा रहा है, जब शनि और बुध एक-दूसरे से 45 डिग्री पर स्थित होकर अर्धकेन्द्र योग का निर्माण करेंगे.शनि को जहां न्याय, अनुशासन और कर्मफल का ग्रह माना जाता है, वहीं बुध बुद्धि, रणनीति, वाणी और निर्णय क्षमता का प्रतीक है. इन दोनों ग्रहों का यह योग उन जातकों के लिए खास होता है, जो मेहनत के साथ सही सोच और योजना के साथ आगे बढ़ते हैं.

इस समय शनि मीन राशि में और बुध मकर राशि में विराजमान रहेंगे. मकर राशि में बुध की युति सूर्य, मंगल और शुक्र से भी होगी, जिससे इस योग की शक्ति और बढ़ जाती है. आइए जानते हैं कि यह अर्धकेन्द्र योग किन राशियों के लिए लाभकारी रहेगा.

मीन राशि (Pisces)

गोचर स्थिति

बुध: नौवां भाव

शनि: लग्न भाव

फायदे
मीन राशि वालों के लिए यह योग भाग्य और व्यक्तित्व दोनों को मजबूत करेगा. लग्न में स्थित शनि आपको गंभीर, जिम्मेदार और अनुशासित बनाएगा, वहीं नौवें भाव में बुध आपके भाग्य, शिक्षा और उच्च ज्ञान को सक्रिय करेगा.करियर में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा या रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी. धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी.निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी.लंबे समय से अटके काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे. 

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सिंह राशि 

गोचर स्थिति

बुध: आठवां भाव

शनि: छठा भाव

फायदे
सिंह राशि वालों के लिए यह योग संघर्षों पर विजय दिलाने वाला साबित होगा. छठे भाव में शनि शत्रुओं और बाधाओं पर नियंत्रण देता है, जबकि आठवें भाव में बुध अचानक लाभ और गूढ़ विषयों की समझ बढ़ाता है.कोर्ट-कचहरी या विवादों में सफलता मिलेगी. नौकरी में प्रतिस्पर्धा को मात देने के योग बनेंगे. स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होगा. रिसर्च, बीमा, टैक्स या गुप्त कार्यों से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा. मानसिक रूप से पहले से ज्यादा मजबूत महसूस करेंगे. 

वृषभ राशि (Taurus)

गोचर स्थिति

बुध: नौवां भाव

शनि: तीसरा भाव

फायदे
वृषभ राशि वालों के लिए यह योग मेहनत का पूरा फल दिलाने वाला रहेगा.  तीसरे भाव में शनि साहस और पराक्रम को बढ़ाता है, जबकि नौवें भाव में बुध भाग्य का साथ देता है.करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.बिजनेस में लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा. लेखन, मीडिया, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को सफलतामिलेगी.भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे. 

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