Navpancham Rajyog 2026: ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष योग ऐसे होते हैं, जो किसी के जीवन में बड़े बदलाव और सफलता के संकेत देते हैं. 2026 में ऐसा ही एक योग बनने जा रहा है, जिसे नवपंचम राजयोग कहा जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार गुरु बृहस्पति को सबसे शुभ और प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है. सामान्यतः गुरु लगभग एक साल में अपनी राशि बदलते हैं, लेकिन 2025 में मिथुन राशि में प्रवेश करने के बाद उनकी गति असाधारण रूप से तेज रही है. यही कारण है कि इस साल वे कम से कम दो से तीन बार राशि परिवर्तन करेंगे.
वर्तमान में गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं. इसी दौरान उनका विभिन्न ग्रहों के साथ युति और दृष्टि संबंध बनते रहेंगे. खास बात यह है कि इस समय गुरु और शुक्र के बीच एक महत्वपूर्ण कोणीय स्थिति बन रही है, जो सीधे नवपंचम राजयोग का निर्माण करती है. यह संयोग विशेष रूप से कुछ राशियों के जातकों के लिए लाभकारी साबित होगा. इस योग के प्रभाव से न सिर्फ व्यवसाय और करियर में तरक्की के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली भी आएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, 23 फरवरी को सुबह 1:29 बजे गुरु और शुक्र एक दूसरे से 120 डिग्री पर होंगे. इस समय कुंभ राशि में शुक्र और मिथुन राशि में गुरु विराजमान हैं. इस खास संयोग के कारण नवपंचम राजयोग अपने प्रभाव में प्रवेश कर चुका है.
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के बारहवें भाव में मंगल और चौथे भाव में मिथुन स्थित है. इस योग के प्रभाव से मीन राशि के लोग पुराने कष्टों से मुक्ति पाएंगे. जीवन में आर्थिक सुधार महसूस करेंगे. करियर और व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे. साथ ही परिवार और घर के मामलों में भी संतुलन और खुशहाली बनी रहेगी.
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग विशेष रूप से लाभकारी रहेगा. इस राशि के लोग अपने निवेश और व्यवसाय में तेजी से वृद्धि देखेंगे. साथ ही नए करियर अवसरों और महत्वपूर्ण सामाजिक संपर्कों से लाभ मिलेगा. जीवन में सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति का अनुभव होगा.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के लग्न भाव में मंगल और पांवे भाव में गुरु विराजमान हैं. इस योग के प्रभाव से कुंभ राशि के जातक अपने करियर में उच्चतर पद प्राप्त कर सकते हैं. व्यवसाय में लाभ और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी. साथ ही व्यक्तिगत जीवन में संतुलन और खुशहाली बनी रहेगी.