Mangal Transit In Kumbh: फरवरी का महीना ज्योतिषीय गणनाओं के लिहाज से अत्यंत हलचल भरा साबित होने वाला है. ग्रहों की बदलती चाल का सीधा असर सभी 12 राशियों के जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है. इस क्रम में सबसे बड़ा बदलाव 23 फरवरी को होने जा रहा है, जब साहस और ऊर्जा के कारक मंगल देव, न्याय के देवता शनि की स्वामित्व वाली राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे. मंगल और शनि का यह अंतर्संबंध ज्योतिष शास्त्र में काफी गंभीर माना जाता है, क्योंकि मंगल अग्नि तत्व हैं और शनि वायु तत्व के साथ अनुशासन के प्रतीक हैं. इन दोनों की संयुक्त ऊर्जा कुछ विशेष राशियों के लिए कठिन चुनौतियां पेश कर सकती है.
मेष राशि: क्रोध और तनाव पर रखें नियंत्रण
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर मानसिक शांति में खलल डाल सकता है. मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका कुंभ में जाना आपके कार्यभार को अचानक बढ़ा सकता है. इस दौरान छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और अकारण क्रोध आने की प्रबल संभावना है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है.
तुला राशि: आर्थिक मोर्चे पर बरतें सावधानी
तुला राशि वालों के लिए यह समय वित्तीय प्रबंधन की कड़ी परीक्षा ले सकता है. मंगल के प्रभाव से आपके खर्चों में अप्रत्याशित वृद्धि होने के योग बन रहे हैं, जिससे जमा पूंजी में गिरावट आ सकती है. निवेश के मामले में यह समय बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है; किसी भी बड़े वित्तीय लेन-देन या जोखिम भरे निवेश से बचना ही समझदारी होगी.
कुंभ राशि: चुनौतियों का बढ़ सकता है ग्राफ
चूंकि मंगल का गोचर आपकी अपनी ही राशि में हो रहा है, इसलिए सबसे अधिक प्रभाव आप पर ही देखने को मिलेगा. इस अवधि में आप स्वयं को मानसिक रूप से अशांत या भ्रमित महसूस कर सकते हैं. कार्यक्षेत्र में अड़चनें आने और प्रतिद्वंद्वियों के हावी होने की आशंका बनी रहेगी. यह समय आत्म-मंथन का है, न कि जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने का.
व्यापार और साझेदारी में सतर्कता की आवश्यकता
व्यापारिक दृष्टिकोण से देखें तो मंगल का यह राशि परिवर्तन बाजार में अस्थिरता ला सकता है. जो लोग पार्टनरशिप (साझेदारी) में काम कर रहे हैं, उन्हें अपने साझेदार के साथ पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए
निष्कर्ष और बचाव के उपाय
ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर भले ही चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा हो, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण और सही योजना से इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है. नियमित रूप से पूजा-पाठ, योग और ध्यान का सहारा लेना मानसिक शांति बनाए रखने में मददगार होगा. मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना और जरूरतमंदों की सहायता करना विशेष फलदायी रहता है.