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Magh Month 2022 Date: शुरू हो रहा माघ का महीना, सुख-समृद्धि के लिए जीवनचर्या में करें ये बदलाव

Magh Month 2022: हिंदू कलैंडर का 11वां महीना माघ बहुत पवित्र माना जाता है. इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत आते हैं. मान्यता है कि इस महीने में किए गए धार्मिक कार्यों का फल भी कई गुना अधिक मिलता है. इस बार माघ के इस पवित्र महीने की शुरुआत 18 जनवरी से हो रही है.

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Magh Month 2022 Magh Month 2022
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भगवान कृष्ण को पीले फूल और पंचामृत करें अर्पित
  • पवित्र नदियों में स्नान और दान का भी है विशेष महत्व

Magh Month Date 2022: माघ के महीने की शुरुआत के साथ ही मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं. इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान और दान का भी विशेष महत्व माना जाता है. इस बार माघ के इस पवित्र महीने की शुरुआत 18 जनवरी से हो रही है. जिसका समापन 16 फरवरी 2022 को होगा. इस महीने को अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस महीने में ढेर सारे धार्मिक पर्व आते हैं. साथ ही प्रकृति भी अनुकूल होने लगती है. इसी महीने में संगम पर "कल्पवास" भी किया जाता है जिससे व्यक्ति शरीर और आत्मा से नवीन हो जाता है. 

माघ के महीने में खान-पान और जीवनचर्या में करें ये बदलाव 
1- माघ का महीना शुरू होते ही  गर्म पानी को धीर- धीरे छोड़कर सामान्य जल से स्नान करना शुरू कर देना चाहिए.
2- इस महीने में सुबह देर तक सोना तथा स्नान न करना भी उत्तम नहीं माना जाता है. 
3- इस महीने में तिल और गुड़ का प्रयोग विशेष लाभकारी होता है.
4- इस माह में अगर केवल एक वेला भोजन किया जाय तो आरोग्य और एकाग्रता की प्राप्ति होती है

माघ के महीने में सुख, शांति और समृद्धि के लिए करें ये उपाय 
माघ के महीने में नित्य प्रातः भगवान कृष्ण को पीले फूल और पंचामृत अर्पित करें.  इसके बाद " मधुराष्टक " का पाठ करें. इस दौरान  "श्री माधव दया सिंधो भक्तकामप्रवर्षण। माघ स्नानव्रतं मेद्य सफलं कुरु ते नमः॥" मंत्र का जाप करें. इससे भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं. साथ ही  रोज किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन कराएं. वहीं खुद सम्भव हो तो एक ही वेला भोजन करें.

माघ के महीने के पर्व और उनका महत्व?
1- संकष्ठी चतुर्थी- इसको करने से संतान प्राप्ति होती है तथा संतान की चिंताएं दूर होती हैं.
2 - षठतिला एकादशी - इसमें तिल का विशेष प्रयोग करके स्वास्थ्य और समृद्धि पाते हैं.
3 - मौनी अमावस्या- इसमें मौन रहकर पाप नाश और आत्मा की शुद्धि की साधना करते हैं.
4 - वसंत पंचमी- इसमें ज्ञान और विद्या बुद्धि के लिए माँ सरस्वती की उपासना करते हैं.
5 - जया एकादशी - इस दिन विशेष प्रयोग करने से ऋणों तथा दोषों से मुक्ति मिलती है.
6 - माघी पूर्णिमा- इस दिन शिव और विष्णु , दोनों की संयुक्त कृपा मिलती है.

 

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