scorecardresearch
 

Chanakya Niti In Hindi: दुख में भी न कहें ये 5 बातें, होता है नुकसान

नीतिशास्त्र यानी चाणक्य नीति के 7वें अध्याय के पहले श्लोक चाणक्य ने बताया है कि व्यक्ति को किन बातों को खुद तक ही रखना चाहिए, यानी कौन सी ऐसी बातें हैं जिन्हें दूसरों को नहीं बताने में ही भलाई है.

Advertisement
X
Chanakya Niti In Hindi
Chanakya Niti In Hindi

अर्थशास्त्र के महान ज्ञानी माने जाने वाले आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र यानी चाणक्य नीति के 7वें अध्याय के पहले श्लोक में बताते हैं कि व्यक्ति को किन बातों को खुद तक ही रखना चाहिए, यानी कौन सी ऐसी बातें हैं जिन्हें दूसरों को नहीं बताने में ही भलाई है.

अर्थनाश मनस्तापं गृहिण्याश्चरितानि च। 
नीचं वाक्यं चापमानं मतिमान्न प्रकाशयेत॥ 

इस श्लोक में चाणक्य कहते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति को धन का नाश होने पर, मन के दुखी होने पर, घर के दोष के बारे में, किसी द्वारा ठगे जाने पर और अपमानित होने की बात को किसी से नहीं कहना चाहिए. यानी ऐसी परिस्थितियों में मन की बात को मन में ही रखना चाहिए.

कुछ बातें ऐसी होती हैं जो किसी दूसरे के सामने नहीं कहनी चाहिए, जैसे कि धन का नुकसान हो जाने पर, मन में किसी बात के लिए दुख होने पर, पत्नी के गलत व्यवहार पर, किसी नीच व्यक्ति से कुछ घटिया बातें सुन लेने पर यानी अपमानित होने पर या किसी व्यक्ति द्वारा ठगे जाने पर.

ये बातें आप लोगों के सामने जितना कहोगे, उतना ही अधिक आपका उपहास होगा यानी लोग उतना ही मजाक बनाएंगे. कोई सहानुभूति नहीं दिखाएगा. ये सब बातें आपके निजी विषय हैं. इसलिए इन्हें गुप्त ही रखना चाहिए. इन्हें छिपाकर रखने में ही भलाई है.

Advertisement

ये भी पढ़ें-

Advertisement
Advertisement