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Chaitra Navratri 2024 Ghatsthapana: अभी तक नहीं कर पाए घटस्थापना तो अब कर लें, जानें दिन का आखिरी शुभ मुहूर्त

Chaitra Navratri 2024 ghatsthapana shubh muhurt: यदि आप इस शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने से चूक गए हैं तो इसके बाद भी एक अबूझ मुहूर्त है, जिसमें आप कलश स्थापना कर सकते हैं. सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा.

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अबूझ मुहूर्त में नहीं कर पाए घटस्थापना तो इस शुभ घड़ी में जरूर कर लें
अबूझ मुहूर्त में नहीं कर पाए घटस्थापना तो इस शुभ घड़ी में जरूर कर लें

Chaitra Navratri 2024: भक्तों का उद्धार करने वाली मां दुर्गा के चैत्र नवरात्रि आ गए हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि सोमवार, 9 अप्रैल यानी आज से शुरू हो रहे हैं. इसका समापन 17 अप्रैल को महानवमी के साथ होगा. नवरात्रि के प्रथम दिन घटस्थापना होने के बाद देवी के स्वरूपों की विधिवत पूजा आरंभ होती है. इस दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करना शुभ होता है. यदि किसी कारणवश आप सुबह शुभ मुहूर्त में घटस्थापना या कलश स्थापना न कर पाएं तो इसके बाद भी एक अबूझ मुहूर्त बनता है. आप उसमें घटस्थापना कर सकते हैं.

कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है? (Chaitra Navratri 2024 Shubh Muhurt)
कलश की स्थापना चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है. इस बार चैत्र नवरात्रि की घटस्थापना का सबसे अच्छा मुहूर्त सुबह 6 बजकर 2 मिनट लेकर सुबह 10 बजकर 15 मिनट तक है. यानी घटस्थापना के शुभ मुहूर्त की अवधि 4 घंटे 13 मिनट है.

ऐसे में यदि आप इस शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने से चूक गए हैं तो इसके बाद भी एक अबूझ मुहूर्त है, जिसमें आप कलश स्थापना कर सकते हैं. सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. घटस्थापना करने के लिए यह मुहूर्त भी बहुत अच्छा माना जाता है.

कैसे करें कलश स्थापना? (Chaitra Navratri 2024 Kalash sthapana vidhi)
सबसे पहले ईशान कोण यानी घर की उत्तर-पूर्व दिशा में जहां देवी की चौकी लगाने वाले हैं, वहां साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़कें. फिर शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें. पहले ईशान कोण में एक लकड़ी की चौकी रखें. इस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. चौकी के चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें और देवी की प्रतिमा चौकी पर रखें. इसके बाद चौकी के सामने पूजन सामग्री, फल मिठाई और अखंड ज्योति प्रज्वलित करें.

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इसके बाद चौकी के बगल में कलश स्थापित करें. इसके लिए एक कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग में कलावा बांधें. उसमें हल्दी, अक्षत, लौंग, सिक्का, इलायची, पान और फूल डालकर कलश के ऊपर रोली से स्वस्तिक बनाएं. अब कलश के ऊपर अशोक या आम के पत्ते रखें. नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर उस पर कलावा बांधे और उसे कलश के ऊपर और पल्लव के बीच में रख दें. घटस्थापना पूरी होने के बाद देवी का आह्वान करें. कलश के बगल में जौ का बर्तन और अखंड दीपक जरूर प्रज्वलित करें.

घोड़े पर सवार होकर आईं मां दुर्गा
हर बार देवी का आगमन किसी विशेष वाहन पर होता है. इससे आने वाले समय के बारे में अनुमान लगाया जाता है. इस बार देवी का आगमन घोड़े पर हो रहा है. यह युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं का प्रतीक है. लोगों के जीवन में व्यर्थ के विवाद और दुर्घटनाएं होने की संभावनाएं हैं.

मनोकामना पूर्ति का अचूक उपाय (Chaitra Navratri 2024 Upay)
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 27 साबुत लौंग लें और इसे लाल धागे में बांधकर माला बनाएं. यह माला देवी के चरणों में अर्पित करें. फिर अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें. कहते हैं कि इस चमत्कारी उपाय में धनधान्य में वृद्धि से लेकर जीवन की सारी समस्याएं दूर करने की शक्ति है.

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