Angarki Chaturthi 2021: आज अंगारकी चतुर्थी है. हिन्दू पंचांग के अनुसार चतुर्थी हर महीने में दो बार आती है. इस तिथि को भगवान गणेश की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. वहीं जब ये चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन गणेश जी की पूजा के साथ ही हनुमानजी को सिंदूर से तिलक करें तो मंगलदोष में राहत मिलती है. यहां आपका बताते हैं कि पूजा विधि व खास उपाय.
अंगारकी चतुर्थी का महत्व
अंगारकी चतुर्थी पर गणेश जी और हनुमानजी के साथ ही मंगल देव की भी पूजा की जाती है. पौराणिक कथा के अनुसार इस तिथि के समय मंगलदेवता ने भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए कड़ी तपस्या करने का प्रण लिया. उनकी इस तपस्या को देखकर गणेशजी प्रकट हुए और उन्होंने मंगलदेवता को वरदान दिया कि मंगलवार के दिन जो भी चतुर्थी पड़ेगी, उसे अंगारकी चतुर्थी के नाम से जाना जाएगा. इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के सभी कार्यों में आ रहे विघ्न और बाधाएं दूर हो जाएंगी. साथ ही इस दिन व्रत करने वालों की कुंडली से मंगल के दोषों का भी निवारण हो जाएगा.
पूजा विधि
इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठ जाएं. इस दिन लाल रंग का वस्त्र धारण करें, ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है. स्नान के बाद गणेश जी की पूजा करें. पूजा करते समय जातक को अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए. सबसे पहले गणेश जी की मूर्ति को फूलों से अच्छी तरह से सजा लें. इसके बाद पूजा में तिल, गुड़, लड्डू, फूल ताम्बे के कलश में पानी, धुप, चन्दन, प्रसाद के तौर पर केला या नारियल रख लें. ध्यान रहे कि पूजा के समय देवी दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति भी अपने पास रखें. ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है. गणपति को रोली लगाएं, फूल और जल अर्पित करें. इस दौरान हनुमान जी का भी पूजन करें. हनुमान जी को सिंदूर से तिलकर करें. इसके बाद गणेश जी को भोग लगाएं. मंगल के दोष से राहत पाने के लिए इस दिन गणेशजी के साथ हनुमानजी का भी ध्यान करें. इसके साथ ऋणहर्ता और विघ्नहर्ता गणपति बप्पा के गणेश स्तोत्र का पाठ करें.