NEET UG-2026 पेपर लीक केस में जांच के बीच एक मार्कशीट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यह मार्कशीट ऋषि बिवाल की है, जिसके लिए पिता दिनेश बिवाल पर कथित तौर पर 10 लाख में NEET का पेपर खरीदने का आरोप है. राजस्थान बोर्ड की सीनियर सेकेंडरी मार्कशीट के मुताबिक ऋषि बिवाल इंटरमीडिएट परीक्षा में सेकंड डिवीजन बाय ग्रेस से पास हुआ है. मार्कशीट में उसके साइंस विषयों के नंबर अब चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं.
मार्कशीट के अनुसार हिंदी में कुल 32 नंबर, अंग्रेजी में 51 नंबर, फिजिक्स में कुल 51 नंबर, जिसमें थ्योरी-1 में सिर्फ 9 और थ्योरी-2 में 14 नंबर, केमिस्ट्री में कुल 58 नंबर, जिसमें थ्योरी में 15 और दूसरे पेपर में 14 नंबर बायोलॉजी में कुल 62 नंबर, जिसमें थ्योरी में 20 और दूसरे पेपर में 14 नंबर है. कुल मिलाकर ऋषि बिवाल को 500 में 254 नंबर मिले थे और वह 50.80 प्रतिशत अंकों के साथ Second Division By Grace से पास हुआ था. अब यही मार्कशीट सोशल मीडिया और जांच एजेंसियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. सवाल उठ रहे हैं कि जिस छात्र के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे मुख्य विषयों में इतने कम थ्योरी नंबर थे, उसके लिए कथित तौर पर लाखों रुपये खर्च कर NEET पेपर खरीदा गया.
घर के और बच्चे भी पढ़ रहे MBBS की पढ़ाई
CBI जांच में पहले ही दावा किया जा चुका है कि गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल ने पूछताछ में माना कि उसने अपने बेटे के लिए कथित तौर पर पेपर मंगवाया था. सूत्रों के मुताबिक इसके लिए करीब 10 लाख रुपये तक की डील हुई थी. हालांकि इसके बावजूद छात्र परीक्षा में सिर्फ 107 नंबर ही ला सका. जांच एजेंसियों का कहना है कि मंगीलाल और दिनेश बिवाल कथित पेपर नेटवर्क में कोरियर की भूमिका निभा रहे थे. आरोप है कि Telegram PDF, WhatsApp चैट और प्रिंट कॉपी के जरिए प्रश्नपत्र कई छात्रों तक पहुंचाए गए. CBI के रिमांड पेपर के मुताबिक राजस्थान के सीकर, गुरुग्राम और नासिक तक फैले नेटवर्क के जरिए कथित प्रश्नपत्र शेयर किए गए. एजेंसी अब मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है. फिलहाल CBI इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित प्रश्नपत्र लीक का असली स्रोत कौन था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे.
पहले भी हो चुका था पेपर लीक ?
नीट पेपर लीक में आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. मांगीलाल और दिनेश पहले भी नीट का पेपर लीक कर आगे बेच चुके है. पिछले साल नीट 2025 में भी बिवाल परिवार के सभी पांच बच्चों को MBBS में सलेक्शन हुआ. आरोप है कि इन्हें नीट का पेपर परीक्षा से पहले मिल गया था. नीट पेपर लीक का आरोपी मांगीलाल का बेटा सवाईमाधोपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रहा है. बताया जा रहा है विकास बिवाल भी आगे पेपर बेचने में शामिल हुआ था. हरियाणा का यश यादव भी सीकर में रहकर पढ़ता था. तब मांगीलाल का परिवार उनके नज़दीक आया था. ये महाराष्ट्र के नेटवर्क के जरिए पेपर लाते थे. आगे से आगे के इस नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है. जांच एजेंसियों का अब भी मानना है कि सारा खेल कोचिंग माफिया का है . पकड़े गए लोग केवल नेटवर्क का हिस्सा थे. सीकर के कोचिंग संस्थानों पर भी नज़र रखी जा रही है. बड़े लोग कौन हैं जिनके लिए बिवाल परिवार काम करता था.
अब 21 जून को दोबारा होगा पेपर
नीट पेपर लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया था. आज ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने रीएग्जाम की नई तारीख घोषित कर दी है. परीक्षा अब 21 जून को होगी. इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अगले साल से NEET की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड और ऑनलाइन होगी. ओएमआर शीट की जगह छात्रों को कंप्यूटर के सामने बैठाया जाएगा जिससे पारदर्शिता रहे.
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- एनटीए ने NEET UG की नई तारीख की घोषणा कर दी है. 21 जून को पुनर्परीक्षा होगी. हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है. उन्होंने कहा- इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 7 मई तक एनटीए के कंपलेंट सिस्टम में कुछ चिंताएं उठाई गईं और आंतरिक जांच भी हुई. फिर मामला संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया, जिसमें कई राज्य शामिल थे. इस केस में 12 मई तक स्थिति स्पष्ट हो गई थी. हमें 12 मई तक पता चला कि शिक्षा माफियाओं के माध्यम से गेस पेपर जारी हुए थे जो परीक्षा में आए पेपर से मेल खा रहे थे. उन्होंने आगे कहा- हम छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं करना चाहते. इसलिए हमने परीक्षा के लिए नई तारीख 21 जून तय की है . इसके लिए 14 जून को एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे. अनियमितताओं के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है. सीबीआई की कार्रवाई और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है