राजस्थान में सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर परीक्षा से ठीक पहले लीक हो गया. परीक्षा देने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कड़ाके की सर्दी में एग्जाम सेंटर तक पहुंच चुके थे. अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश भी दे दिया गया था तब तक पेपर लीक की खबर आई और राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया. पूरा घटनाक्रम तेजी से हुआ, लेकिन सवाल ये है कि ऐसा आखिर हुआ कैसे?
पूरे मामले का खुलासा भी नाटकीय ढंग से हुआ. दरअसल 24 दिसंबर को सेकंड ग्रेड टीचर्स की भर्ती के लिए भर्ती परीक्षा होनी थी. परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंच भी गए थे, उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश भी दे दिया गया था. अभ्यर्थी अपनी सीट पर बैठकर प्रश्नपत्र बांटे जाने और परीक्षा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे कि तभी अचानक उन्हें ये जानकारी दी गई कि पेपर लीक हो गया है जिसकी वजह से परीक्षा निरस्त कर दी गई है.
हुआ ये कि राजस्थान के उदयपुर जिले की बेकरिया पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली. पेपर लीक हो जाने की गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस महकमा एक्टिव मोड में आ गया और बेकरिया थाने की फोर्स ने सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों की एक बस को बीच सड़क पर रोक लिया. पुलिस ने बस की तलाशी ली तो कई अभ्यर्थियों के पास से पेपर मिला. चलती बस में एक्सपर्ट्स पेपर सॉल्व भी कर रहे थे.
पुलिस अभ्यर्थियों की बस को थाने लेकर आई. पुलिस ने होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र से बरामद पेपर का मिलान कराया तो ये मैच कर गया. फिर क्या था. पुलिस महकमें से लेकर सरकार और भर्ती परीक्षा करा रहे राजस्थान लोक सेवा आयोग तक हड़कंप मच गया. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आनन-फानन में परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया.
पुराने पेपर भी लीक होने की आशंका
उदयपुर पुलिस ने पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ और अन्य इनपुट के आधार पर ये शक जताया है कि 21 दिसंबर को हुए ग्रुप सी के सामान्य ज्ञान के साथ ही ग्रुप ए के सामान्य ज्ञान और सामाजिक विज्ञान के पेपर भी लीक हुए थे. पुलिस ने उर्दू और अंग्रेजी के पेपर भी लीक होने की आशंका जताई है, जिसकी परीक्षा 23 दिसंबर को हुई थी.
बताया जा रहा है कि पुलिस का ये शक बेवजह नहीं है. पुलिस ने जिस बस को पकड़ने के बाद पेपर लीक का खुलासा किया, वह बस 20 और 22 दिसंबर को भी उदयपुर में गोगुंडा हाईवे पर देखी गई थी. हालांकि, ये अभी बस आशंका है. इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीमें मामले की जांच कर रही हैं. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अभी सिर्फ सामान्य ज्ञान ग्रुप सी का पेपर रद्द किया है.
अब तक 55 आरोपी पकड़े गए
उदयपुर पुलिस के मुताबिक पेपर लीक मामले में कुल 55 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है. पकड़े गए 55 में सात महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक उदयपुर में इसे लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं. एक केस उदयपुर के सुखेर और दूसरा बेकरिया थाने में दर्ज किया गया है. जानकारी के मुताबिक पेपर लीक के मास्टर माइंड सुरेश ढाका को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है..
परीक्षा से कुछ घंटे पहले पकड़े गए 37
उदयपुर पुलिस के मुताबिक 37 अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से चंद घंटे पहले पकड़ा गया था. पुलिस ने परीक्षा से कुछ घंटे पहले सात एक्सपर्ट्स को भी पकड़ा था जो पेपर सॉल्व कर रहे थे. पकड़े गए आरोपियों में सुरेश विश्नोई भी शामिल है जिसने अभ्यर्थियों को पेपर दिया था. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में ये सामने आया है कि सुरेश ढाका ने ही विश्नोई को पेपर उपलब्ध कराया था.
यही पेपर बस से एग्जाम देने जा रहे अभ्यर्थियों को बस में दिए गए थे. चलती बस में एक्सपर्ट्स की मदद से पेपर सॉल्व किए जा रहे थे कि पुलिस ने छापेमारी कर इसे पकड़ लिया. बस में मिले पेपर का परीक्षा के पेपर से मिलान कराया गया तो 80 फीसदी क्वेश्चन मिल गए. इसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा को निरस्त कर दिया.
आरोपियों पर लगेगा NSA
पेपर लीक को लेकर राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) उमेश मिश्रा ने कहा कि इस मामले में जो लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने राज्य सरकार को ये सुझाव भी दिया कि इस तरह के मामलों में दोषी अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का कानून भी बनाया जाना चाहिए.