राजस्थान के बांसवाड़ा में लुटेरों ने घर में घुसकर जेवरातों की लूट मचाई. इस दौरान उन्होंने एक 12 साल की बच्ची को बहुत ही दर्दनाक तरीके से मौत के घाट उतार दिया. लुटेरों ने पहले पूरा घर खंगाला और जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो उन्होंने वहां मौजूद नाबालिग बच्ची के नाक -कान में पहने गहने लूट लिए और उसका गला काट दिया. घटना बांसवाड़ा जिले के लोहारिया थाना इलाके के पालोदा की है.
खेत से लौटे परिजनों ने जब खून से लथपथ बेटी का शव देखा तो चीख पुकार मच गई और मातम छा गया. घटना की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए और मृतका के शव को कब्जे में लेकर लुटेरों की पड़ताल शुरू की.
खेत में काम करने गया था परिवार
जानकारी के मुताबिक लालजी पाटीदार अपनी पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे के साथ सुबह 5 बजे अपने खेत पर काम करने चले गए थे. इस दौरान घर में 12 साल की बेटी जाह्नवी अकेली थी. इसके बाद सुबह 9 से 10 बजे के बीच अज्ञात लुटेरे घर में घुसे और नाबालिग की हत्या कर उसके नाक -कान में पहने गहने लूटकर ले गए.
लुटेरों ने खंगाला पूरा घर
कहा जा रहा है कि लुटेरों ने 12 साल की बच्ची की हत्या कर पूरे घर को खंगाला. लेकिन, उनके हाथ कुछ ना लगा. इसके बाद उन्होंने जाह्नवी के पहने गहने लूटे और मौके से भाग गए. जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोरेंसिक टीम बुलाई और साक्ष्य जुटाए. साथ ही पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित करने के लिए चितौड़गढ़ से डॉग स्क्वायड टीम को भी बुलाया.
रसोई में पड़ी थी लाश
मृतका की बड़ी बहन कृष्णा ने बताया कि घर के सभी लोग सुबह खेत पर गए थे. घर में 5 साल का भाई और 12 साल की बहन जाह्नवी ही थे. इसके बाद मां 7 बजे घर गई और खाना बनाकर वापस खेत पर लौट आई.
बहन कृष्णा ने बताया कि मां के खेत आते वक्त जब छोटा भाई रोने लगा तो मां उसे भी साथ लेकर खेत आ गई. इसके बाद जाह्नवी ही घर पर अकेली थी. सुबह करीब 10:30 बजे जब सब घर पहुंचे और जाह्नवी को आवाज लगाई तो उसने कोई आवाज नहीं दी. घर में इधर-उधर ढूंढा तो रसोई में उसका शव खून से लथपथ पड़ा था और उसके कान और नाक में पहने गहने गायब थे.
इलाके के लोगों और लड़कियों ने किया प्रदर्शन
दिनदहाड़े घर में घुसकर की गई हत्या को लेकर आसपास के लोगों के भयंकर रोष व्याप्त है. आसपास के लोगों और लड़कियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया. वहीं घटना के विरोध में कस्बा पूरी तरह से बंद रहा.
आक्रोशित लड़कियों को समझाने के लिए महिला पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस ने कुछ लड़कियों को पुलिस वाहन में बैठा दिया. आक्रोशित लड़कियों का पुलिस पर आरोप है कि पुलिस ने उनपर डंडे भी बरसाए. लड़कियों का कहना है कि हम न्याय के लिए लड़ रहे हैं. हमें न्याय चाहिए. दूसरी तरफ परिजनों ने भी शव उठाने से इनकार कर दिया. आखिरकार शाम होते - होते परिजन बच्ची का पोस्टमार्टम करवाने को लेकर मान गए. इसके बाद पुलिस ने शव को घटनास्थल से बांसवाड़ा का एमजी अस्पताल पहुंचाया.
आक्रोशित लोगों ने MLA कैलाश मीणा को घेरा
शव का पोस्टमार्टम होने के बाद विधायक कैलाश मीणा भी मौके पर पहुंचे. लेकिन, आक्रोशित लोगों ने उन्हें घेर कर नारेबाजी शुरू कर दी. लोगों का आरोप था कि पुलिस नकुछ लड़कियों को पकड़ कर थाने ले गई है. इस पर विधायक ने पुलिस थाने में फोन किया तो पुलिस ने जवाब दिया कि किसी भी तरह की गिरफ्तारी नहीं की गई है. इसके बाद आकर्षित लोग कुछ शांत हुए. पूरे घटनाक्रम को लेकर बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल का कहना है कि नाबालिग बच्ची के गले पर शार्प वैपन से वार कर हत्या की गई है. लुटेरे थे या पास का ही कोई. पुलिस प्रत्येक एंगल से जांच कर रही है. टीमों ने साक्ष्य भी जुटाएं है. पोस्टमार्टम होने के बाद जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे.