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महिलाओं के लिए बड़ी पहल, PM मोदी HPV वैक्सीनेशन कैंपेन की करेंगे शुरुआत

इस अभियान के साथ भारत में महिलाओं में होने वाले रोके जा सकने वाले कैंसर, खासकर सर्वाइकल कैंसर, के खिलाफ बड़ी लड़ाई की शुरुआत मानी जा रही है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) जैसी रोकथाम योग्य बीमारी को जड़ से खत्म करना है.

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अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करना है. (File Photo- PTI)
अभियान का उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करना है. (File Photo- PTI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. इस अभियान के साथ भारत में महिलाओं में होने वाले रोके जा सकने वाले कैंसर, खासकर सर्वाइकल कैंसर, के खिलाफ बड़ी लड़ाई की शुरुआत मानी जा रही है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) जैसी रोकथाम योग्य बीमारी को जड़ से खत्म करना है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 25 फरवरी को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि 28 फरवरी को सुबह 11:30 बजे इस अभियान का शुभारंभ प्रस्तावित है. पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने अजमेर से इस अभियान को लॉन्च करने की सहमति दी है.

सिंगल डोज ‘गार्डासिल-4’ दिया जाएगा

अभियान के तहत बालिकाओं को Gardasil 4 की एकल खुराक दी जाएगी. यह क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन HPV के प्रकार 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण हैं, साथ ही प्रकार 6 और 11 से भी बचाव करती है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि सर्वाइकल कैंसर देश और दुनिया में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है. यह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के कारण होता है और यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे टीके के माध्यम से रोका जा सकता है.

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देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण

अभियान के तहत 14 वर्ष की सभी बालिकाओं को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं आयुष्मान आरोग्य मंदिर-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-जिला व जिला अस्पतालों तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में टीका लगाया जाएगा. इन सभी केंद्रों पर कोल्ड चेन प्वाइंट (CCP) की व्यवस्था होगी और एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) प्रबंधन के लिए समर्पित चिकित्सा अधिकारी तैनात रहेंगे.

अभिभावक की सहमति अनिवार्य

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि HPV टीकाकरण स्वैच्छिक होगा और बालिकाओं को टीका लगाने से पहले उनके अभिभावक या संरक्षक की सहमति अनिवार्य होगी. यह विशेष अभियान तीन महीने तक चलेगा, जिसके दौरान HPV टीका प्रतिदिन उपलब्ध रहेगा, ताकि अधिकतम पात्र बालिकाओं को कवर किया जा सके. इसके बाद नियमित टीकाकरण दिवसों पर संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में यह टीका उपलब्ध रहेगा.

वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे सभी राज्यों के अधिकारी

अजमेर में होने वाले राष्ट्रीय लॉन्च कार्यक्रम से सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे. इस दौरान संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्री, प्रशासक, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी अपने-अपने मुख्यालय से कार्यक्रम में भाग लेंगे. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को पहले ही HPV टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है और लक्ष्य समूह के अनुसार आवश्यक वैक्सीन खुराक की आपूर्ति भी कर दी गई है.

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राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च के बाद सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश उसी दिन अपने-अपने स्तर पर भी अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे राज्य मुख्यालय या किसी निर्धारित स्थल पर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित करें और पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन स्टॉक सुनिश्चित करें.

यह अभियान देश में महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

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