राजस्थान में पेपर लीक होने के बाद अब राज्य सरकार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है. राजस्थान पुलिस के डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि नकल कराने का प्रयास करने वालों के रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई होगी.
डीजीपी ने पेपर लीक को लेकर कहा कि नकल कराने में लिप्त आपराधिक तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि ऐसे गिरोहों में शामिल अपराधियों की संपत्ति भी जब्त करने के लिए पासा कानून में संशोधन किया जा सकता है. पासा कानून के अनुसार व्यक्ति को बिना किसी सार्वजनिक प्रकटीकरण के एक साल तक की अवधि के लिए हिरासत में रखा जा सकता है.
बता दें कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था जिसके बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया. पेपर लीक मामले में पुलिस ने सभी 46 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब 29 जनवरी को फिर से परीक्षा आयोजित किया जाएगा.
आयोग के सचिव एच एल अटल ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए जानकारी दी है कि ग्रुप सी के सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान के प्रश्न पत्र को षडयंत्रपूर्वक प्राप्त करने की रिपोर्ट उदयपुर एसपी से प्राप्त की गई.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, बेकरिया थाना पुलिस ने 39 अभ्यर्थी और सुखेर थाना पुलिस ने 7 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही इन सभी को भविष्य में होने वाली समस्त परीक्षाओं से हमेशा के लिए प्राथमिक तौर पर विवर्जित (Debar) करने का निर्णय लिया गया है.