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गहरी नींद में था शहर और गलियों में चल रहा था 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप', रात के अंधेरे में स्कूटी पर निकले कलेक्टर और कमिश्नर

Jaipur Operation Clean Sweep: जयपुर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू हो गया है. कलेक्टर संदेश नायक और कमिश्नर ओम कसेरा ने स्कूटी पर रातभर जायजा किया. 2500 कर्मचारियों ने परकोटे का कायाकल्प किया...

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कलेक्टर-कमिश्नर की जुगलबंदी ने बटोरी सुर्खियां.(Photo:ITG)
कलेक्टर-कमिश्नर की जुगलबंदी ने बटोरी सुर्खियां.(Photo:ITG)

जयपुर का परकोटा उस वक्त सफाई के सबसे बड़े मिशन का गवाह बना, जब पूरा शहर गहरी नींद में था और सड़कों पर हजारों कर्मचारी झाड़ू, मशीनें और डंपरों के साथ मोर्चा संभाले हुए थे. रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चले ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ में नगर निगम ने परकोटे की तंग गलियों और बाजारों में जमे गंदे कचरे का बड़े स्तर पर सफाया किया.

स्वच्छता सर्वेक्षण में जयपुर को नंबर-1 बनाने के लक्ष्य के साथ प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया. इस मेगा अभियान की सबसे ज्यादा चर्चा जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की अनोखी शैली को लेकर रही. दोनों अधिकारी देर रात करीब 2 बजे स्कूटी पर परकोटे की गलियों में निकले और जमीनी हकीकत का जायजा लिया.

कलेक्टर-कमिश्नर की 'जय-वीरू' स्टाइल

इस दौरान नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद स्कूटी चलाते दिखाई दिए, जबकि कलेक्टर संदेश नायक पीछे बैठकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे. अधिकारियों की यह 'जय-वीरू' जैसी जोड़ी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. 

दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर सफाई कार्य, कचरा उठाव और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को करीब से देखा. साथ ही पुरी रात सफाई कर्मचारियों के साथ डटे रहें और उनकी हौसला अफजाई करते दिखे. देखें VIDEO:- 

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क्यों जरूरी थी 'नाइट स्वीपिंग'?

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि दिन में परकोटे के बाजारों और तंग रास्तों में भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण प्रभावी सफाई कर पाना मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या का समाधान निकालते हुए 'नाइट स्वीपिंग' अभियान शुरू किया गया, ताकि बिना रुकावट और बिना मानवीय हस्तक्षेप के सड़कों की गहन सफाई की जा सके. 

इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी. करीब 2000 सफाईकर्मियों समेत 2500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात मैदान में डटे रहे. पूरे परकोटे को 36 बीट्स में बांटकर निगरानी की गई. सफाई टीमों को नाइट जैकेट, टॉर्च, गमबूट, डंपर, हूपर और अन्य आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया था.

जयपुर में लागू होगा 'सूरत मॉडल'

जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि हाल ही में उन्होंने स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान बना चुके सूरत शहर का दौरा किया था. वहां की कचरा प्रबंधन प्रणाली और मशीनीकृत सफाई मॉडल का अध्ययन करने के बाद अब जयपुर में भी उसी तर्ज पर कचरा पृथक्करण और आधुनिक ट्रांसफर स्टेशनों पर काम किया जाएगा.

फिलहाल नगर निगम का मुख्य फोकस लोगों को जागरूक करने पर है, लेकिन आने वाले समय में सड़क पर कचरा फेंकने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त जुर्माना भी लगाया जाएगा. प्रशासन की योजना ‘नाइट स्वीपिंग’ को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने, बल्कि इसे जयपुर की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने की है. 
 

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