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Jaipur Audi Accident: 8 घंटे तक पैदल चलता रहा 16 लोगों को उड़ाने वाला ऑडी ड्राइवर, भीख मांगकर खाया खाना

जयपुर के भीषण ऑडी कार हादसे के बाद आरोपी दिनेश रणवा कार छोड़कर पैदल फरार हो गया. CCTV से बचने के लिए वह 7–8 घंटे तक चलता रहा, जंगल में झाड़ियों के बीच रुका और चरवाहों से खाना मांगकर खाया. बाद में हरियाणा का बताकर ट्रक चालक से लिफ्ट ली और करनाल व हरिद्वार पहुंचा. सोनीपत के ढाबे पर लूट की कोशिश के बाद पैसे खत्म हुए तो वह जयपुर लौटा, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया.

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काफी मशक्कत के बाद आरोपी गिरफ्तार हो गया (Photo ITG)
काफी मशक्कत के बाद आरोपी गिरफ्तार हो गया (Photo ITG)

Jaipur hit and run case : राजस्थान की राजधानी जयपुर में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मौत बनकर दौड़ी ऑडी कार के ड्राइवर दिनेश रणवा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 9 जनवरी की रात मानसरोवर के खरबास सर्किल पर हुए इस भीषण हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था. तेज रफ्तार ऑडी कार ने सड़क किनारे खड़े और चलते लोगों को कुचल दिया. इस हादसे में 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर दिनेश रणवा मौके से फरार हो गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. लेकिन इस मामले में जो खुलासे सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं.

कार छोड़कर पैदल फरार, CCTV से बचने की अनोखी चाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद दिनेश रणवा ऑडी कार को मौके पर ही छोड़कर पैदल फरार हो गया. उसे अंदेशा था कि अगर वह किसी वाहन का इस्तेमाल करेगा तो सीसीटीवी कैमरों में कैद हो सकता है. इसी डर के चलते उसने लगातार 7 से 8 घंटे तक पैदल चलकर शहर से बाहर निकलने की कोशिश की. रात के अंधेरे में वह मुख्य सड़कों से बचता हुआ गलियों, सर्विस रोड और खाली इलाकों से गुजरता रहा. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने रिंग रोड, स्लिप रोड और सुनसान रास्तों को चुना ताकि किसी कैमरे में उसकी पहचान न हो सके.

जंगल में झाड़ियों के बीच थककर रुका, चरवाहों से मांगा खाना

लगातार कई घंटे पैदल चलने के बाद दिनेश रणवा पूरी तरह थक चुका था. जयपुर के बाहरी इलाके में वह जंगलनुमा क्षेत्र में पहुंचा, जहां झाड़ियों के बीच उसने खुद को छिपा लिया. वहीं आसपास भेड़-बकरियां चरा रहे कुछ लोगों से उसने खाना मांगा. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को लाचार बताकर उनसे रोटी और खाना लिया और उसी रात उन्हीं के पास जमीन पर सो गया. उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि जयपुर पुलिस उसके पीछे एक-एक कदम पर नजर बनाए हुए है.

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हरियाणा का बताकर ट्रक ड्राइवर से ली लिफ्ट

अगली सुबह आरोपी ने अपनी नई कहानी गढ़ी. उसने एक ट्रक ड्राइवर से संपर्क किया और खुद को हरियाणा का निवासी बताया. उसने कहा कि जयपुर में उसके साथ लूट हो गई है, मोबाइल और पैसे छिन गए हैं और उसे घर जाना है. उसकी बातों में फंसकर ट्रक ड्राइवर ने उसे लिफ्ट दे दी. इसी ट्रक के जरिए वह करनाल पहुंचा. करनाल में उसने एक रात गुजारी और फिर अलग-अलग वाहनों से लिफ्ट लेकर हरिद्वार पहुंच गया. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि करनाल और हरिद्वार में रुकने के दौरान दिनेश रणवा लगातार डर और तनाव में रहा. वह खबरें देख रहा था और जान चुका था कि पुलिस ने उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. कुछ ही समय में उसके पास मौजूद पैसे खत्म हो गए. जब उसने अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकालने की कोशिश की, तब उसे पता चला कि उसके सभी बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं. यही वह मोड़ था, जहां से उसकी फरारी की कहानी कमजोर पड़ने लगी.

सोनीपत के ढाबे पर लूट की कोशिश, मोबाइल लेकर मांगी मदद

राजस्थान लौटने के इरादे से दिनेश रणवा एक बार फिर ट्रक में बैठकर सोनीपत पहुंचा. यहां वह एक ढाबे पर रुका. इसी दौरान कुछ लोगों ने उससे पैसे छीनने की कोशिश की. हालात बिगड़ते देख उसने वहां मौजूद लोगों से मोबाइल लेकर अपने परिचितों से संपर्क करने का प्रयास किया. लेकिन मदद मिलने के बजाय उसे यह एहसास हो गया कि अब उसके पास न पैसा है, न सुरक्षित ठिकाना. लगातार भागते रहने से वह मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुका था. पैसे खत्म होने और रास्ते बंद होते देख दिनेश रणवा वापस जयपुर के पास रिंग रोड क्षेत्र में आ गया. यहां वह पैदल घूमता रहा और अपने परिचितों से मदद मांगने की कोशिश करता रहा. पुलिस के अनुसार, आरोपी कुछ सोलर प्लांट साइट्स पर भी गया, जहां वह पहले काम से जुड़ा हुआ था. उसने पुराने परिचितों से ठहरने और खाने की मदद मांगी, लेकिन कोई भी उसे खुलकर मदद देने को तैयार नहीं हुआ.

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500 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच, 100 किलोमीटर का सर्च ऑपरेशन

डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि आरोपी की तलाश में पुलिस ने अभूतपूर्व स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब 100 किलोमीटर के दायरे में लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. रिंग रोड, होटल, ढाबे, ट्रक पार्किंग, बस स्टैंड और स्लिप रोड्स के कैमरे खंगाले गए. इसके अलावा आरोपी से जुड़े सोलर प्लांट साइट्स और संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस को मिलाकर एक मजबूत जाल बिछाया, जिसमें आखिरकार दिनेश रणवा फंस ही गया. लगातार सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार को जयपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी. रिंग रोड पर चलाए जा रहे विशेष सर्च अभियान के दौरान पुलिस टीम ने दिनेश रणवा को धर दबोचा. गिरफ्तारी के वक्त आरोपी बेहद थका हुआ और घबराया हुआ नजर आया. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं 7 मददगार

डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि इस मामले में दिनेश रणवा की मदद करने वाले 7 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इन लोगों पर फरारी में सहयोग, शरण देने और जानकारी छिपाने के आरोप हैं. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को फरारी के दौरान और किन-किन लोगों से मदद मिली और क्या किसी ने जानबूझकर पुलिस को गुमराह किया.

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हादसे में एक की मौत, 15 घायल, शहर में आक्रोश

9 जनवरी की रात हुए इस भीषण हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. हादसे के बाद जयपुर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था. तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने को लेकर सवाल उठने लगे थे. स्थानीय लोगों ने ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की थी.

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